मरहला

मेरी हर इक नज़र ने सज्दा किया

रौनक-ए-हुस्न-ओ-जान-ए-रू-ए-निगार

फिर भी जुम्बिश न हो सकी तुझ को

कितना मज़बूत है तिरा किरदार

क्या ख़बर तुझ को प्यार हो कि न हो

हूँ तिरी हर ख़ुशी के साथ मगर

तेरी फ़िक्र-ओ-अदा समझ न सकूँ

बर-महल जैसे बज सके न गजर

ज़ेहन की कुछ अमीक़ राहों में

ख़ुद को खोया हुआ सा पाता हूँ

जाने क्या होगा इश्क़ का हासिल

जाने क्या होगा चाहतों का फ़ुसूँ

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Marhala In Hindi By Famous Poet Daur Afridi. Marhala is written by Daur Afridi. Complete Poem Marhala in Hindi by Daur Afridi. Download free Marhala Poem for Youth in PDF. Marhala is a Poem on Inspiration for young students. Share Marhala with your friends on Twitter, Whatsapp and Facebook.