जो पहले ज़रा सी नवाज़िश करे है

जो पहले ज़रा सी नवाज़िश करे है

वही फिर शब-ओ-रोज़ साज़िश करे है

वो धोके पे धोका दिए जाए लेकिन

ये दिल फिर भी उस की सिफ़ारिश करे है

किसी दिन मिले वो खिलौनों की सूरत

मिरा दिल भी बच्चों सी ख़्वाहिश करे है

ये दिल का ख़लल जान ले कर रहेगा

मसीहा तो बे-कार कोशिश करे है

मैं उस की रगों में लहू बन के दौड़ूँ

वो मेरे बदन में रिहाइश करे है

उसे प्यास सहरा की भाती नहीं है

वो 'फ़ारूक़' दरिया पे बारिश करे है

(3835) Peoples Rate This

Your Thoughts and Comments

Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai In Hindi By Famous Poet Farooq Rahman. Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai is written by Farooq Rahman. Complete Poem Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai in Hindi by Farooq Rahman. Download free Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai Poem for Youth in PDF. Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai is a Poem on Inspiration for young students. Share Jo Pahle Zara Si Nawazish Kare Hai with your friends on Twitter, Whatsapp and Facebook.