मुस्तहसन जामी कविता, ग़ज़ल तथा कविताओं का मुस्तहसन जामी

मुस्तहसन जामी कविता, ग़ज़ल तथा कविताओं का मुस्तहसन जामी
नाममुस्तहसन जामी
अंग्रेज़ी नामMustahsan Jami

रूखी-सूखी खा सकते थे

रंग-ओ-सिफ़ात-ए-यार में दिल ढल नहीं रहा

रंगों की पहचान नहीं कर सकता था

खेत ऐसे सैराब नहीं होते भाई

दरियाओं को हाल सुना कर रक़्स किया

अब सोच रहे हैं यहाँ क्या क्या नहीं देखा

Mustahsan Jami Poetry in Hindi - Read Best Poetry, Ghazals & Nazams by Mustahsan Jami including Sad Shayari, Hope Poetry, Inspirational Poetry, Sher SMS & Sufi Shayari in Hindi written by great Sufi Poet Mustahsan Jami. Free Download all kind of Mustahsan Jami Poetry in PDF. Best of Mustahsan Jami Poetry in Hindi. Mustahsan Jami Ghazals and Inspirational Nazams for Students.