आप अपने को मो'तबर कर लें

आप अपने को मो'तबर कर लें

मिलने वालों के दिल में घर कर लें

ज़िंदगानी के दिन जो थोड़े हैं

क्यूँ न हंस बोल कर बसर कर लें

चुन रहे हैं जो ऐब औरों के

अपने दामन पे भी नज़र कर लें

कौन देता है साथ मुश्किल में

हौसलों ही को हम-सफ़र कर लें

चाहिए कुछ सुकून दुनिया में

ख़्वाहिशें अपनी मुख़्तसर कर लें

बात पहुँचे किसी तरह उन तक

हम सितारों को नामा-बर कर लें

जंगलों से हमें गुज़रना है

पहले साँपों को बे-ज़रर कर लें

चलिए जादूगरों की बस्ती में

अपने ऐबों को भी हुनर कर लें

आओ दुख दर्द बाँट लें 'एजाज़'

रंज-ओ-ग़म को इधर-उधर कर लें

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