हर नफ़स मूरिद-ए-सफ़र हैं हम

हर नफ़स मूरिद-ए-सफ़र हैं हम

गोया दुक्कान-ए-शीशागर हैं हम

शम्अ के गाह ताज-ए-सर हैं हम

गह पतिंगे के बाल-ओ-पर हैं हम

इश्क़ ने जब से की है दिल कर नी

बर्क़ हैं शो'ला हैं शरर हैं हम

रंग-ए-रुख़्सार ख़ूब-रूयाँ हैं

आह-ए-उश्शाक़ के असर हैं हम

हम हैं नैरंगी-ए-बहार के रंग

नख़्ल-ओ-बर्ग-ओ-गुल-ओ-समर हैं हम

सज्दा-गह हैं तमाम आलम की

किस की ये ख़ाक-ए-रहगुज़र हैं हम

अहल-ए-दिल अपने रहते हैं मुश्ताक़

गोइया वस्ल की ख़बर हैं हम

हाल ख़त्त-ए-शिकस्ता में लिक्खा

यानी उस से शिकस्ता-तर हैं हम

दुश्मनी हम से हो नहीं सकती

तुझ से शर्मिंदा कीना-वर हैं हम

जब से देखी है उस के घर की राह

और ख़ाना-ख़राब-तर हैं हम

रश्क में शोर-ओ-शर से हैं लाचार

कुछ फ़रिश्ते नहीं बशर हैं हम

उस ने अहवाल पूछा हम मर गए

किस क़दर क़िस्सा-मुख़्तसर हैं हम

क्या करें दिल नहीं है पास 'रज़ा'

सब्र में वर्ना बे-जिगर हैं हम

(624) Peoples Rate This


Fatal error: Uncaught PDOException: SQLSTATE[42S22]: Column not found: 1054 Unknown column 'id' in 'ORDER BY' in /home/darsaal/htdocs/darsaal.com/poetry/poem_hi.php:554 Stack trace: #0 /home/darsaal/htdocs/darsaal.com/poetry/poem_hi.php(554): PDOStatement->execute() #1 {main} thrown in /home/darsaal/htdocs/darsaal.com/poetry/poem_hi.php on line 554