वबाल-ए-जान हर इक बाल है म्याँ

वबाल-ए-जान हर इक बाल है म्याँ

तअ'ल्लुक़ दिल का क्या जंजाल है म्याँ

तलब में कौन दुनिया की हो पामाल

ये बैतुलमाल कुछ भी माल है म्याँ

ये काला-ए-जहाँ का मुँह हो काला

अगर समझो तो जी का काल है म्याँ

सुना होगा जो कुछ मजनूँ का अहवाल

वही अपने भी हस्ब-ए-हाल है म्याँ

तड़प कर रू-ब-रू हम उस के मर गए

न पूछो क्या मिरा अहवाल है म्याँ

क़दम रखते तुम्हारे दिल तड़प गए

ये कोई चाल है भौंचाल है म्याँ

नहीं जाता डफ़ाली-पन का सौदा

अजब सर पर मिरे धम्माल है म्याँ

खुला कब मौलवी से उक़्दा-ए-दिल

बहुत ये मसअला अश्काल है म्याँ

अगर है क़ौल तो मासूम का है

सिवा इस के तो क़ील-ओ-क़ाल है म्याँ

'रज़ा' क्या मिल गए उस जंग-जू से

तुम्हारा आज चेहरा लाल है म्याँ

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