दूर Poetry (page 78)

फिर कोई दूर हुआ जाता है

अहमद अता

सफ़्हा-ए-ज़ीस्त जब पढूँगा तुम्हें

अहमद अता

हमें न देखिए हम ग़म के मारे जैसे हैं

अहमद अता

ऐ मियाँ कौन ये कहता है मोहब्बत की है

अहमद अता

तेरे आलम का यार क्या कहना

आग़ा हज्जू शरफ़

तलाश-ए-क़ब्र में यूँ घर से हम निकल के चले

आग़ा हज्जू शरफ़

गर्द उड़े या कोई आँधी ही चले

अफ़ज़ल परवेज़

आँचल में नज़र आती हैं कुछ और सी आँखें

अफ़ज़ाल नवेद

मैं अपने दिल में नई ख़्वाहिशें सजाए हुए

अफ़ज़ल मिनहास

जो शख़्स भी मिला है वो इक ज़िंदा लाश है

अफ़ज़ल मिनहास

गुम-सुम हवा के पेड़ से लिपटा हुआ हूँ में

अफ़ज़ल मिनहास

गहरा सुकूत ज़ेहन को बेहाल कर गया

अफ़ज़ल मिनहास

एक पैकर यूँ चमक उट्ठा है मेरे ध्यान में

अफ़ज़ल मिनहास

अपने माहौल से कुछ यूँ भी तो घबराए न थे

अफ़ज़ल मिनहास

अपने माहौल से कुछ यूँ भी तो घबराए न थे

अफ़ज़ल मिनहास

तभी तो मैं मोहब्बत का हवालाती नहीं होता

अफ़ज़ल ख़ान

मुझे रोना नहीं आवाज़ भी भारी नहीं करनी

अफ़ज़ल ख़ान

तेरी दुनिया से ये दिल इस लिए घबराता है

अफ़ज़ल गौहर राव

शिकस्त खा के भी कब हौसले हैं कम मेरे

अफ़ज़ल गौहर राव

गुज़रे तअ'ल्लुक़ात का अब वास्ता न दे

अफ़ज़ल अलवी

ये बता दे मुझ को मेरे दिल किसे आवाज़ दूँ

अफ़ज़ल इलाहाबादी

किसी की याद रुलाये तो क्या किया जाए

अफ़ज़ल इलाहाबादी

शाइरी मैं ने ईजाद की

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

मैं डरता हूँ

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

एक दिन और ज़िंदा रह जाना

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

जब अपनों से दूर पराए देस में रहना पड़ता है

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

पहली तारीख़

आफ़ताब शम्सी

सभी बिछड़ गए मुझ से गुज़रते पल की तरह

आफ़ताब शम्सी

आज़ुर्दगी का उस की ज़रा मुझ को पास था

आफ़ताब शम्सी

आजिज़ हूँ तिरे हाथ से क्या काम करूँ मैं

आफ़ताब शाह आलम सानी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.