काल्पनिक Poetry (page 2)

हौसला वज्ह-ए-तपिश-हा-ए-दिल-ओ-जाँ न हुआ

साहिर देहल्वी

अधूरी नस्ल का पूरा सच

सईद अहमद

ख़ूबियों को मस्ख़ कर के ऐब जैसा कर दिया

साबिर

नहीं जाने है वो हर्फ़-ए-सताइश बरमला कहना

सबिहा सबा, न्यूयार्क

बे-ख़याली में तख़्लीक़

सबीला इनाम सिद्दीक़ी

जितना पाता हूँ गँवा देता हूँ

रउफ़ रज़ा

ग़ार से संग हटाया तो वो ख़ाली निकला

इक़बाल साजिद

ग़ार से संग हटाया तो वो ख़ाली निकला

इक़बाल साजिद

पड़ता था इस ख़याल का साया यहीं कहीं

इनाम नदीम

अगर है रेत की दीवार ध्यान टूटेगा

इम्तियाज़ अहमद राही

हम ख़ुद भी हुए नादिम जब हर्फ़-ए-दुआ निकला

हिलाल फ़रीद

ये जो हर शय में तिरी जल्वागरी है ऐ दोस्त

हज़ार लखनवी

ज़ुल्फ़ अंधेर करने वाली है

हातिम अली मेहर

साक़ी है न मय है न दफ़-ओ-चंग है होली

हातिम अली मेहर

बुतों का ज़िक्र करो वाइज़ ख़ुदा को किस ने देखा है

हातिम अली मेहर

निभाओ अब उसे जो वज़्अ भी बना ली है

हसन अख्तर जलील

कृष्ण कन्हैया

हफ़ीज़ जालंधरी

उस का चेहरा भी चमक में न मिसाली निकला

गुलज़ार बुख़ारी

समीता-पाटिल

ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर

गर्म-ए-फ़रियाद रखा शक्ल-ए-निहाली ने मुझे

ग़ालिब

ये सहरा-ए-तलब या बेशा-ए-आशुफ़्ता-हाली है

गौहर होशियारपुरी

छिपकिली

फ़रीद इशरती

हम ने मयख़ाने की तक़्दीस बचा ली होती

एज़ाज़ अफ़ज़ल

उस शकर-लब का मैं ख़याली हूँ

दाऊद औरंगाबादी

इश्क़ ने तुझ ख़ाल के मुझ कूँ ख़याली किया

दाऊद औरंगाबादी

सूरत-ए-हाल अब तो वो नक़्श-ए-ख़याली हो गया

दत्तात्रिया कैफ़ी

बे-तहाशा सी ला-उबाली हँसी

बशीर बद्र

वरक़ उलट दिया करता है बे-ख़याली में

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

जगह फूलों की रखते हैं घना साया बनाते हैं

अज़हर अदीब

दिल प्यासा और आँख सवाली रह जाती है

अज़हर अदीब

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.