रिश्ते Poetry (page 2)

अक्सर तन्हाई से मिल कर रोए हैं

उषा भदोरिया

आइने से बात करना इतना आसाँ भी नहीं

उषा भदोरिया

आख़िरी मुलाक़ातें

उरूज ज़ेहरा ज़ैदी

बच्चे भी अब देख के उस को हँसते हैं

उनवान चिश्ती

अच्छे हैं फ़ासले के ये तारे सजाते हैं

तासीर सिद्दीक़ी

शहरों के सारे जंगल गुंजान हो गए हैं

तनवीर अंजुम

क्या ज़रूरी है कोई बे-सबब आज़ार भी हो

तनवीर अहमद अल्वी

दिल है पलकों में सिमट आता है आँसू की तरह

तनवीर अहमद अल्वी

नई ज़मीनों को अर्ज़-ए-गुमाँ बनाते हैं

तालीफ़ हैदर

बला से मर्तबे ऊँचे न रखना

ताबिश मेहदी

बस्ती में कमी किस चीज़ की है पत्थर भी बहुत शीशे भी बहुत

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

ग़ज़ब तो ये है मुक़ाबिल खड़ा है वो मेरे

ताब असलम

कोई भी नक़्श सलामत नहीं है चेहरे का

ताब असलम

मुशाएरा

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

आसमाँ को ज़मीं बनाते हैं

सय्यद मोहम्मद असकरी आरिफ़

वक़्त-ए-मुश्किल में भी होंटों पर हँसी अच्छी लगी

सय्यद इक़बाल रिज़वी शारिब

आप बुलाएँ हम न आएँ ऐसी कोई बात नहीं

सय्यद आरिफ़ अली

रंज इस का नहीं कि हम टूटे

सूर्यभानु गुप्त

रंज इतने मिले ज़माने से

सिया सचदेव

हर लग़्ज़िश-ए-हयात पर इतरा रहा हूँ मैं

सिराज लखनवी

मैं ने सिर्फ़ अपने नशेमन को सजाया साल भर

शुजा ख़ावर

चलो ये तो हादसा हो गया कि वो साएबान नहीं रहा

शुजा ख़ावर

बयाज़ें खो गई हैं

शीन काफ़ निज़ाम

मैं तो चुप था मगर उस ने भी सुनाने न दिया

शाज़ तमकनत

नज़र भर देख लूँ बस

शारिक़ कैफ़ी

जनाज़े में तो आओगे न मेरे

शारिक़ कैफ़ी

निगाह ओ दिल के तमाम रिश्ते फ़ज़ा-ए-आलम से कट गए हैं

शकील जाज़िब

उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं

शकील जमाली

सफ़र से लौट जाना चाहता है

शकील जमाली

रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे

शकील जमाली

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.