खिड़की Poetry (page 4)

ठहर के देख तू इस ख़ाक से क्या क्या निकल आया

इमरान शमशाद

कफ़ील-ए-साअ'त-ए-सय्यार रक्खा होता है

इलियास बाबर आवान

बाग़ इक दिन का है सो रात नहीं आने की

इलियास बाबर आवान

हाथ लहराता रहा वो बैठ कर खिड़की के साथ

इफ़्तिख़ार नसीम

बहुत दिन तक कोई चेहरा मुझे अच्छा नहीं लगता

हाशिम रज़ा जलालपुरी

गली का मंज़र बदल रहा था

हम्माद नियाज़ी

तुलूअ' से पहले

हमीदा शाहीन

उर्दू ज़बाँ

गुलज़ार

ओस पड़ी थी रात बहुत और कोहरा था गर्माइश पर

गुलज़ार

मैं नहीं हूँ मगर

गुलनाज़ कौसर

किसी की याद का चेहरा

गुलनाज़ कौसर

किस को है हुस्न-ए-ख़ुदा-दाद का दावा देखें

गोपाल मित्तल

धूप का एहसास जाने क्यूँ उसे होता नहीं

ग़यास मतीन

अब तो ख़ुद से भी कुछ ऐसा है बशर का रिश्ता

ग़ौस मोहम्मद ग़ौसी

मैं ने हर-चंद कि उस कूचे में जाना छोड़ा

ग़मगीन देहलवी

वो टुकड़ा रात का बिखरा हुआ सा

गौतम राजऋषि

मिलने का भी आख़िर कोई इम्कान बनाते

फ़ाज़िल जमीली

कोई धड़कन कोई उलझन कोई बंधन माँगे

फ़रहत क़ादरी

शुऊर-ए-नौ-उम्र हूँ न मुझ को मता-ए-रंज-ओ-मलाल देना

एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी

हवा ने इस्म कुछ ऐसा पढ़ा था

दिलावर अली आज़र

कहाँ गई एहसास की ख़ुशबू फ़ना हुए जज़्बात कहाँ

देवमणि पांडेय

सभी सम्तों को ठुकरा कर उड़ी जाए

चंद्र प्रकाश शाद

नहीं है मेरे मुक़द्दर में रौशनी न सही

बशीर बद्र

दुआ करो कि ये पौदा सदा हरा ही लगे

बशीर बद्र

ज़ुल्फ़ जो रुख़ पर तिरे ऐ मेहर-ए-तलअत खुल गई

ज़फ़र

किन आवाज़ों का सन्नाटा मुझ में है

अय्यूब ख़ावर

मौत का इंतिज़ार सफ़ेद चाक से

असलम इमादी

किश्त-ए-दिल वीराँ सही तुख़्म-ए-हवस बोया नहीं

असलम आज़ाद

अजीब शख़्स है मुझ को तो वो दिवाना लगे

असलम आज़ाद

इस से पहले कि हवा मुझ को उड़ा ले जाए

असग़र मेहदी होश

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.