भगवान Poetry (page 20)

बस सलीक़े से ज़रा बर्बाद होना है तुम्हें

शहराम सर्मदी

ब-नाम-ए-इश्क़ इक एहसान सा अभी तक है

शहराम सर्मदी

मिरी तरह से कहीं ख़ाक छानता होगा

शहनाज़ मुज़म्मिल

उलझा उस की दीद में

शहनवाज़ ज़ैदी

मिरे ख़ुदा कोई छाँव कोई ज़मीं कोई घर

शहनवाज़ ज़ैदी

वफ़ा-परस्त जहान-ए-वफ़ा को ले डूबे

शाहजहाँ बानो याद

कभी क़लम कभी नेज़ों पे सर उछलते हैं

शाहजहाँ बानो याद

रात सी नींद है महताब उतारा जाए

शाहिद ज़की

मिरे ख़ुदा किसी सूरत उसे मिला मुझ से

शाहिद ज़की

बिछड़ गया था कोई ख़्वाब-ए-दिल-नशीं मुझ से

शाहिद ज़की

ऐ ख़ुदा रेत के सहरा को समुंदर कर दे

शाहिद मीर

इब्तिदा से मैं इंतिहा का हूँ

शाहिद कमाल

अब्र लिखती है कहीं और घटा लिखती है

शाहिद कमाल

वो हर्फ़-ए-शौक़ हूँ जिस का कोई सियाक़ न हो

शाहिद इश्क़ी

न ख़ुदा है न नाख़ुदा है कोई

शाहिद इश्क़ी

लब तक जो न आया था वही हर्फ़-ए-रसा था

शाहिद इश्क़ी

लब तक जो न आया था वही हर्फ़-ए-रसा था

शाहिद इश्क़ी

सजाएँ महफ़िल-ए-याराँ न शग़्ल-ए-जाम करें

शाहिद अख़्तर

दुनिया तो ये कहती है

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

इब्तिदा सा कुछ इंतिहा सा कुछ

शाहीन अब्बास

हम रह गए हमारा ख़लल क्यूँ नहीं रहा

शाहीन अब्बास

सफ़र का एक नया सिलसिला बनाना है

शहबाज़ ख़्वाजा

तलब में बोसे की क्या है हुज्जत सवाल दीगर जवाब दीगर

शाह नसीर

शब जो रुख़-ए-पुर-ख़ाल से वो बुर्के को उतारे सोते हैं

शाह नसीर

सरज़मीन-ए-ज़ुल्फ़ में क्या दिल ठिकाने लग गया

शाह नसीर

न क्यूँ कि अश्क-ए-मुसलसल हो रहनुमा दिल का

शाह नसीर

न दिखाइयो हिज्र का दर्द-ओ-अलम तुझे देता हूँ चर्ख़-ए-ख़ुदा की क़सम

शाह नसीर

गो सियह-बख़्त हूँ पर यार लुभा लेता है

शाह नसीर

देख तू यार-ए-बादा-कश! मैं ने भी काम क्या किया

शाह नसीर

छोड़ा न तुझे ने राम क्या ये भी न हुआ वो भी न हुआ

शाह नसीर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.