खुशी Poetry (page 10)

तज़ादों से इबारत

सईद अहमद

सफ़र ला सफ़र

सईद अहमद

शिकस्त-ए-आबला-ए-दिल में नग़्मगी है बहुत

सादिक़ नसीम

ये इंतिहा-ए-जुनूँ है कि ग़ैर ही सा लगा

सादिक़ इंदौरी

अल्फ़ाज़ अल्फ़ाज़ ही हैं

सादिक़

करता है कोई और भी गिर्या मिरे दिल में

साबिर वसीम

ग़मों से अपने कोई शख़्स चूर होता है

सबीहा सबा, पाकिस्तान

लुटा के राह-ए-मोहब्बत में हर ख़ुशी मैं ने

सबा अफ़ग़ानी

कारवाँ लुट गया राहबर छुट गया रात तारीक है ग़म का यारा नहीं

सबा अफ़ग़ानी

ख़िज़ाँ का जो गुलशन से पड़ जाए पाला

साइल देहलवी

ग़म मुझे देते हो औरों की ख़ुशी के वास्ते

रियाज़ ख़ैराबादी

ज़रूर पाँव में अपने हिना वो मल के चले

रियाज़ ख़ैराबादी

वो कौन है दुनिया में जिसे ग़म नहीं होता

रियाज़ ख़ैराबादी

मतलब की बात शक्ल से पहचान जाइए

रियाज़ ख़ैराबादी

कल क़यामत है क़यामत के सिवा क्या होगा

रियाज़ ख़ैराबादी

इश्क़ में दिल-लगी सी रहती है

रियाज़ ख़ैराबादी

ग़रीब हम हैं ग़रीबों की भी ख़ुशी हो जाए

रियाज़ ख़ैराबादी

दिल ढूँढती है निगह किसी की

रियाज़ ख़ैराबादी

मेरे अफ़्कार ने जिस शय से जिला पाई है

रियासत अली ताज

वही तवील सी राहें सफ़र वही तन्हा

ऋषि पटियालवी

दिल में कोई ख़ुशी नहीं लेकिन

रिफ़अत सुलतान

इब्तिदा हूँ कि इंतिहा हूँ मैं

रिफ़अत सुलतान

हुए जब से मोहब्बत-आश्ना हम

रिफ़अत सुलतान

होते हैं ख़त्म अब ये लम्हात ज़िंदगी के

रिफ़अत सेठी

शहर-ए-शोर-ओ-शर तन्हा घर के बाम-ओ-दर तन्हा

रिफ़अत सरोश

दामन से अपने झाड़ के सहरा-ए-ग़म की धूल

रज़ा अश्क

कहीं फ़साना-ए-ग़म है कहीं ख़ुशी की पुकार

रविश सिद्दीक़ी

शाम-ए-ग़म की है अता सुब्ह-ए-मसर्रत दी है

रौनक़ रज़ा

वो तो नहीं मिला है साँसों जिए तो क्या है

रउफ़ रज़ा

हर ख़ुशी तेरे नाम की मैं ने

राशिद क़य्यूम अनसर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.