बात Poetry (page 20)

नज़र में ढल के उभरते हैं दिल के अफ़्साने

सूफ़ी तबस्सुम

नज़र में ढल के उभरते हैं दिल के अफ़्साने

सूफ़ी तबस्सुम

मोहब्बत किस क़दर सेहर-आफ़रीं मालूम होती है

सूफ़ी तबस्सुम

ख़ामोशी कलाम हो गई है

सूफ़ी तबस्सुम

काविश-ए-बेश-ओ-कम की बात न कर

सूफ़ी तबस्सुम

दिल को आए कि निगाहों को यक़ीं आ जाए

सूफ़ी तबस्सुम

बुझी बुझी सी सितारों की रौशनी है अभी

सूफ़ी तबस्सुम

ऐसे भी थे कुछ हालात

सूफ़ी तबस्सुम

इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया

सुदर्शन फ़ाकिर

ज़बाँ को अपनी गुनहगार करने वाला हूँ

सुबोध लाल साक़ी

सुनहरा ही सुनहरा वादा-ए-फ़र्दा रहा होगा

सुबोध लाल साक़ी

तू आग रखना कि आब रखना

सुभाष पाठक ज़िया

दुश्मनी में ही सही वो ये करम करता रहा

सुभाष पाठक ज़िया

मैं यूँ तो ख़्वाब की ताबीर सोचता भी नहीं

सुबहान असद

और किस शय से दाग़-ए-दिल धोएँ

सुबहान असद

रहबर-ए-जादा-ए-मंज़िल पे हँसी आती है

सोज़ नजीबाबादी

अब ख़िज़ाँ आए या बहार आए

सोज़ नजीबाबादी

तुम ने महसूस कहाँ मेरी ज़रूरत की है

सिया सचदेव

तसव्वुरात में दिल की उड़ान देख ज़रा

सिया सचदेव

रह कर भी तुझ से दूर तिरे आस-पास हूँ

सिया सचदेव

जिस दिन से मिरी तुम से शनासाई हुई है

सिया सचदेव

है धूप तेज़ कोई साएबान कैसे हो

सिया सचदेव

मैं ने कहा कि तजज़िया-ए-जिस्म-ओ-जाँ करो

सिराजुद्दीन ज़फ़र

मिटा सा हर्फ़ हूँ बिगड़ी हुई सी बात हूँ मैं

सिराज लखनवी

जलती रहना शम-ए-हयात

सिराज लखनवी

वस्ल के दिन शब-ए-हिज्राँ की हक़ीक़त मत पूछ

सिराज औरंगाबादी

हमारी बात मोहब्बत सीं तुम जो गोश करो

सिराज औरंगाबादी

या-रब कहाँ गया है वो सर्व-ए-शोख़-रा'ना

सिराज औरंगाबादी

तुझे कहता हूँ ऐ दिल इश्क़ का इज़हार मत कीजो

सिराज औरंगाबादी

सुनो तो ख़ूब है टुक कान धर मेरा सुख़न प्यारे

सिराज औरंगाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.