बात Poetry (page 45)

अंदेशा-हा-ए-दूर-दराज़

रियाज़ मजीद

दर्द ग़ज़ल में ढलने से कतराता है

रियाज़ मजीद

शीशा-सिफ़त थे आप और शीशा-सिफ़त थे हम

रेनू नय्यर

चराग़-ए-ज़ीस्त मद्धम है अभी तू नम न कर आँखें

रेनू नय्यर

अब के मिले तो हम दोनों ही

रेनू नय्यर

विदा-ए-यार का लम्हा ठहर गया मुझ में

रहमान फ़ारिस

उम्र-भर इश्क़ किसी तौर न कम हो आमीन

रहमान फ़ारिस

सर-ब-सर यार की मर्ज़ी पे फ़िदा हो जाना

रहमान फ़ारिस

नज़र उठाएँ तो क्या क्या फ़साना बनता है

रहमान फ़ारिस

मुझे ग़रज़ है सितारे न माहताब के साथ

रहमान फ़ारिस

ख़ाक उड़ती है रात-भर मुझ में

रहमान फ़ारिस

मैं ने तुम्हें चलना सिखाया था

रेहाना रूही

दिल को रह रह के ये अंदेशे डराने लग जाएँ

रेहाना रूही

तुम अँधियारों की बात करो

रेहान अल्वी

दिल तो है एक मगर दर्द के ख़ाने हैं बहुत

रज़िया फ़सीह अहमद

तुम किसी तौर किसी शक्ल नहीं कर सकते

राज़िक़ अंसारी

दो बादल आपस में मिले थे फिर ऐसी बरसात हुई

राज़ी अख्तर शौक़

वो तमाम रंग अना के थे वो उमंग सारी लहू से थी

राज़ी अख्तर शौक़

हलाक-ए-कश्मकश-ए-राएगाँ बहुत से हैं

राज़ी अख्तर शौक़

दो बादल आपस में मिले थे फिर ऐसी बरसात हुई

राज़ी अख्तर शौक़

है एक बात जो मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू बनती

रज़ा नक़वी वाही

घर की रौनक़

रज़ा नक़वी वाही

ये बात तिरी चश्म-ए-फुसूँ-कार ही समझे

रज़ा जौनपुरी

कैफ़ नसीब अब कहाँ ग़ुंचों के भी जमाल में

रज़ा जौनपुरी

जुनूँ का राज़ मोहब्बत का भेद पा न सकी

रज़ा हमदानी

सब कुछ पढ़ाया हम को मुदर्रिस ने इश्क़ के

रज़ा अज़ीमाबादी

ख़ुशा हो कर बुताँ कब आशिक़ों को याद करते हैं

रज़ा अज़ीमाबादी

उस घड़ी कुछ थे और अब कुछ हो

रज़ा अज़ीमाबादी

उस चश्म ने कि तूतियों को नुक्ता-दाँ किया

रज़ा अज़ीमाबादी

हम मर गए प शिकवे की मुँह पर न आई बात

रज़ा अज़ीमाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.