दिल Poetry (page 131)

सदमा

साक़ी फ़ारुक़ी

पाम के पेड़ से गुफ़्तुगू

साक़ी फ़ारुक़ी

मुहासरा

साक़ी फ़ारुक़ी

मरता लम्हा

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं और मैं!

साक़ी फ़ारुक़ी

ख़ाली बोरे में ज़ख़्मी बिल्ला

साक़ी फ़ारुक़ी

डस्टबिन

साक़ी फ़ारुक़ी

दुनिया

साक़ी फ़ारुक़ी

वो लोग जो ज़िंदा हैं वो मर जाएँगे इक दिन

साक़ी फ़ारुक़ी

वो दुख जो सोए हुए हैं उन्हें जगा दूँगा

साक़ी फ़ारुक़ी

वही आँखों में और आँखों से पोशीदा भी रहता है

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं किसी जवाज़ के हिसार में न था

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं एक रात मोहब्बत के साएबान में था

साक़ी फ़ारुक़ी

ख़्वाब को दिन की शिकस्तों का मुदावा न समझ

साक़ी फ़ारुक़ी

जो तेरे दिल में है वो बात मेरे ध्यान में है

साक़ी फ़ारुक़ी

हैं सेहर-ए-मुसव्विर में क़यामत नहीं करते

साक़ी फ़ारुक़ी

इक रात हम ऐसे मिलें जब ध्यान में साए न हों

साक़ी फ़ारुक़ी

एक दिन ज़ेहन में आसेब फिरेगा ऐसा

साक़ी फ़ारुक़ी

दर्द के इताब ले दोस्त उसे शुमार कर

साक़ी फ़ारुक़ी

बाहर के असरार लहू के अंदर खुलते हैं

साक़ी फ़ारुक़ी

बदन चुराते हुए रूह में समाया कर

साक़ी फ़ारुक़ी

आग हो दिल में तो आँखों में धनक पैदा हो

साक़ी फ़ारुक़ी

मंज़िलें लाख कठिन आएँ गुज़र जाऊँगा

साक़ी अमरोहवी

शबीह-ए-रूह कुछ ऐसे निखार दी गई है

संजय मिश्रा शौक़

गई नहीं तिरे ज़ुल्म-ओ-सितम की ख़ू अब तक

संजय मिश्रा शौक़

वो मेरे हाल-ए-दिल से इस क़दर भी बे-ख़बर होगा

संदीप कोल नादिम

फिर मैं उन मंज़िलों का तालिब हूँ फिर मैं उस राह से गुज़रता हूँ

संदीप कोल नादिम

चश्म-ए-तर है कोई सराब नहीं

संदीप कोल नादिम

ग़ैर के दिल में न जा कीजिएगा

सनाउल्लाह फ़िराक़

ये रस्ता

समीना राजा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.