दिल Poetry (page 224)

ज़ुल्मत को ज़िया सरसर को सबा बंदे को ख़ुदा क्या लिखना

हबीब जालिब

यौम-ए-मई

हबीब जालिब

तेज़ चलो

हबीब जालिब

सहाफ़ी से

हबीब जालिब

'नूर-जहाँ'

हबीब जालिब

नाम क्या लूँ

हबीब जालिब

मुलाक़ात

हबीब जालिब

मेरी बच्ची

हबीब जालिब

माँ

हबीब जालिब

लायल-पूर

हबीब जालिब

ख़ुदा हमारा है

हबीब जालिब

दास्तान-ए-दिल-ए-दो-नीम

हबीब जालिब

औरत

हबीब जालिब

ये और बात तेरी गली में न आएँ हम

हबीब जालिब

वो देखने मुझे आना तो चाहता होगा

हबीब जालिब

उस ने जब हँस के नमस्कार किया

हबीब जालिब

तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्त-नशीं था

हबीब जालिब

तिरे माथे पे जब तक बल रहा है

हबीब जालिब

फिर दिल से आ रही है सदा उस गली में चल

हबीब जालिब

नज़र नज़र में लिए तेरा प्यार फिरते हैं

हबीब जालिब

'मीर'-ओ-'ग़ालिब' बने 'यगाना' बने

हबीब जालिब

क्या क्या लोग गुज़र जाते हैं रंग-बिरंगी कारों में

हबीब जालिब

कैसे कहें कि याद-ए-यार रात जा चुकी बहुत

हबीब जालिब

कहीं आह बन के लब पर तिरा नाम आ न जाए

हबीब जालिब

जागने वालो ता-ब-सहर ख़ामोश रहो

हबीब जालिब

इस शहर-ए-ख़राबी में ग़म-ए-इश्क़ के मारे

हबीब जालिब

इस शहर-ए-ख़राबी में ग़म-ए-इश्क़ के मारे

हबीब जालिब

हम ने सुना था सहन-ए-चमन में कैफ़ के बादल छाए हैं

हबीब जालिब

हम ने दिल से तुझे सदा माना

हबीब जालिब

हम आवारा गाँव गाँव बस्ती बस्ती फिरने वाले

हबीब जालिब

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.