हुआ Poetry (page 107)

एक चेहलुम पर

राजा मेहदी अली ख़ाँ

जैसे फ़साना ख़त्म हुआ

राज नारायण राज़

इरफ़ान

राज नारायण राज़

इरफ़ान

राज नारायण राज़

टूटी हुई दीवार की तक़दीर बना हूँ

राज नारायण राज़

मैं संगलाख़ ज़मीनों के राज़ कहता हूँ

राज नारायण राज़

क्या बात थी कि जो भी सुना अन-सुना हुआ

राज नारायण राज़

क्या बात है कि बात ही दिल की अदा न हो

राज नारायण राज़

जाने किस ख़्वाब का सय्याल नशा हूँ मैं भी

राज नारायण राज़

बूँदें पड़ी थीं छत पे कि सब लोग उठ गए

राज नारायण राज़

अशआर रंग रूप से महरूम क्या हुए

राज नारायण राज़

वो बाम पे फिर जल्वा-नुमा मेरे लिए है

राज कुमार सूरी नदीम

जब तक मुझे नसीब तिरी दोस्ती रही

राज कुमार सूरी नदीम

हर इक साँस में कुछ दर्द दर्द लगता है

राज खेती

हर एक साँस में कुछ दर्द दर्द लगता है

राज खेती

किसी का जिस्म हुआ जान-ओ-दिल किसी के हुए

रईस सिद्दीक़ी

बस इक ख़ता की मुसलसल सज़ा अभी तक है

रईस सिद्दीक़ी

शायद गुलाब शायद कबूतर

रईस फ़रोग़

सग-ए-हम-सफ़र और मैं

रईस फ़रोग़

काली रेत

रईस फ़रोग़

इस्फ़न्ज की अंधी सीढ़ियों पर

रईस फ़रोग़

सड़कों पे घूमने को निकलते हैं शाम से

रईस फ़रोग़

रातों को दिन के सपने देखूँ दिन को बिताऊँ सोने में

रईस फ़रोग़

फूल ज़मीन पर गिरा फिर मुझे नींद आ गई

रईस फ़रोग़

किसी किसी की तरफ़ देखता तो मैं भी हूँ

रईस फ़रोग़

कह रहे थे लोग सहरा जल गया

रईस फ़रोग़

जंगल से आगे निकल गया

रईस फ़रोग़

हवा ने बादल से क्या कहा है

रईस फ़रोग़

हाथ हमारे सब से ऊँचे हाथों ही से गिला भी है

रईस फ़रोग़

गर्म ज़मीं पर आ बैठे हैं ख़ुश्क लब-ए-महरूम लिए

रईस फ़रोग़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.