सपना Poetry (page 101)

ख़्वाब का इज़्न था ता'बीर-ए-इजाज़त थी मुझे

अहमद अता

कल ख़्वाब में इक परी मिली थी

अहमद अता

इश्क़ से भाग के जाया भी नहीं जा सकता

अहमद अता

हुई ग़ज़ल ही न कुछ बात बन सकी हम से

अहमद अता

हमारी आँखें भी साहिब अजीब कितनी हैं

अहमद अता

इक रात मैं सो नहीं सका था

अहमद अता

इक अश्क बहा होगा

अहमद अता

दोनों के जो दरमियाँ ख़ला है

अहमद अता

अब किसी ख़्वाब की ताबीर नहीं चाहता मैं

अहमद अशफ़ाक़

वो मिरी जुराअत-ए-कमयाब से ना-वाक़िफ़ हैं

अहमद अशफ़ाक़

अब किसी ख़्वाब की ताबीर नहीं चाहता मैं

अहमद अशफ़ाक़

अब मैं हूँ और ख़्वाब-ए-परेशाँ है मेरे साथ

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

तख़्ता-ए-मश्क़-ए-सितम मुझ को बनाने वाला

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

सुकून-ए-क़ल्ब किसी को नहीं मयस्सर आज

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

नज़र बचा के वो हम से गुज़र गए चुप-चाप

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

कर के असीर-ए-ग़म्ज़ा-ओ-नाज़-ओ-अदा मुझे

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

अम्न-ओ-सुल्ह-ओ-आश्ती हो जैसे बीमारी का नाम

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

आवाज़ का उस की ज़ेर-ओ-बम कुछ याद रहा कुछ भूल गए

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

वो ख़्वाब जिस पे तीरा-शबी का गुमान था

आग़ाज़ बरनी

घर से निकलना जब मिरी तक़दीर हो गया

आग़ाज़ बरनी

नहीं करते वो बातें आलम-ए-रूया में भी हम से

आग़ा हज्जू शरफ़

कभी जो यार को देखा तो ख़्वाब में देखा

आग़ा हज्जू शरफ़

सन्नाटे का आलम क़ब्र में है है ख़्वाब-ए-अदम आराम नहीं

आग़ा हज्जू शरफ़

ख़ुदा-मालूम किस की चाँद से तस्वीर मिट्टी की

आग़ा हज्जू शरफ़

न रोना रह गया बाक़ी न हँसना रह गया बाक़ी

अफ़ज़ाल नवेद

मकान-ए-ख़्वाब में जंगल की बास रहने लगी

अफ़ज़ाल नवेद

ख़ाली हुआ गिलास नशा सर में आ गया

अफ़ज़ाल नवेद

जंग से जंगल बना जंगल से मैं निकला नहीं

अफ़ज़ाल नवेद

धनक में सर थे तिरी शाल के चुराए हुए

अफ़ज़ाल नवेद

उस पेड़ को छुआ तो समर-दार हो गया

अफ़ज़ल मिनहास

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.