लोग Poetry (page 65)

तलब करें तो ये आँखें भी इन को दे दूँ मैं

अब्बास रिज़वी

ख़ौफ़ ऐसा है कि दुनिया के सताए हुए लोग

अब्बास रिज़वी

बहुत अज़ीज़ थी ये ज़िंदगी मगर हम लोग

अब्बास रिज़वी

अजीब तुर्फ़ा-तमाशा है मेरे अहद के लोग

अब्बास रिज़वी

ताबीर को तरसे हुए ख़्वाबों की ज़बाँ हैं

अब्बास रिज़वी

सितारे चाहते हैं माहताब माँगते हैं

अब्बास रिज़वी

हम तिरे हुस्न-ए-जहाँ-ताब से डर जाते हैं

अब्बास रिज़वी

गुज़र गया वो ज़माना वो ज़ख़्म भर भी गए

अब्बास रिज़वी

अहल-ए-जुनूँ थे फ़स्ल-ए-बहाराँ के सर गए

अब्बास रिज़वी

न हो जिस पे भरोसा उस से हम यारी नहीं रखते

अब्बास दाना

जो हैं मज़लूम उन को तो तड़पता छोड़ देते हैं

अब्बास दाना

बेवफ़ाई उस ने की मेरी वफ़ा अपनी जगह

अब्बास दाना

ज़मीन उन के लिए फूल खिलाती है

अब्बास अतहर

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता

अातिश इंदौरी

तुम्हें गिला ही सही हम तमाशा करते हैं

आतिफ़ कमाल राना

इतना ही बहुत है कि ये बारूद है मुझ में

आतिफ़ कमाल राना

सरशार हूँ साक़ी की आँखों के तसव्वुर से

आसी रामनगरी

सर झुकाए सर-ए-महशर जो गुनहगार आए

आसी रामनगरी

वहाँ पहुँच के ये कहना सबा सलाम के बाद

आसी ग़ाज़ीपुरी

ख़ाक सहरा में उड़ाती है ये दीवानी हवा

आसी फ़ाईकी

फ़रियादी मातम

आशुफ़्ता चंगेज़ी

पता कहीं से तिरा अब के फिर लगा लाए

आशुफ़्ता चंगेज़ी

किस की तलाश है हमें किस के असर में हैं

आशुफ़्ता चंगेज़ी

दिल डूबने लगा है तवानाई चाहिए

आशुफ़्ता चंगेज़ी

इक डूबती धड़कन की सदा लोग न सुन लें

आनिस मुईन

ये क़र्ज़ तो मेरा है चुकाएगा कोई और

आनिस मुईन

हो जाएगी जब तुम से शनासाई ज़रा और

आनिस मुईन

इक कर्ब-ए-मुसलसल की सज़ा दें तो किसे दें

आनिस मुईन

हो गए आँगन जुदा और रास्ते भी बट गए

आनन्द सरूप अंजुम

हवा चली है न पत्ता कोई हिला अब तक

आनन्द सरूप अंजुम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.