यात्रा Poetry (page 65)

वो क्या गए पयाम-ए-सफ़र दे गए मुझे

अलीम अख़्तर

करना पड़ा था जिस के लिए ये सफ़र मुझे

अलीम अफ़सर

चले थे भर के रेत जब सफ़र की जिस्म-ओ-जाँ में हम

अलीम अफ़सर

इस राह-ए-मोहब्बत में तू साथ अगर होता

आलमताब तिश्ना

सिवाए-दर-ब-दरी उस को ख़ाक मिलता है

आलमताब तिश्ना

सफ़र में राह के आशोब से न डर जाना

आलमताब तिश्ना

दर्द की इक लहर बल खाती है यूँ दिल के क़रीब

आलमताब तिश्ना

आइना-ख़ाना भी अंदोह-ए-तमन्ना निकला

आलमताब तिश्ना

तिरे ख़याल को ज़ंजीर करता रहता हूँ

आलम ख़ुर्शीद

नए सिरे से कोई सफ़र आग़ाज़ नहीं करता

आलम ख़ुर्शीद

मैं जिधर जाऊँ मिरा ख़्वाब नज़र आता है

आलम ख़ुर्शीद

जाना तो बहुत दूर है महताब से आगे

आलम ख़ुर्शीद

हम को लुत्फ़ आता है अब फ़रेब खाने में

आलम ख़ुर्शीद

अंधा सफ़र है ज़ीस्त किसे छोड़ दे कहाँ

अकरम नक़्क़ाश

टूटी हुई शबीह की तस्ख़ीर क्या करें

अकरम नक़्क़ाश

कुछ फ़ासला नहीं है अदू और शिकस्त में

अकरम नक़्क़ाश

मंज़िल-ए-ख़्वाब है और महव-ए-सफ़र पानी है

अकरम महमूद

अगर हर चीज़ में उस ने असर रक्खा हुआ है

अकरम महमूद

कमान छोड़ गए बे-नज़ीर जितने थे

अकमल इमाम

यादें

अख़्तर-उल-ईमान

एक एहसास

अख़्तर-उल-ईमान

अपाहिज गाड़ी का आदमी

अख़्तर-उल-ईमान

मैं ज़िंदगी के सफ़र में था मश्ग़ला उस का

अख्तर शुमार

अभी सफ़र में कोई मोड़ ही नहीं आया

अख्तर शुमार

वो जिस का अक्स लहू को जगा दिया करता

अख्तर शुमार

सितारा ले गया है मेरा आसमान से कौन

अख्तर शुमार

बरखा-रुत

अख़्तर शीरानी

लफ़्ज़ लिखना है तो फिर काग़ज़ की निय्यत से न डर

अख़्तर शेख़

इक उम्र भटकते रहे घर ही नहीं आया

अख़तर शाहजहाँपुरी

मैं सफ़र में हूँ मगर सम्त-ए-सफ़र कोई नहीं

अख़्तर सईद ख़ान

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.