मामला Poetry (page 12)

ज़रा सी बात थी बात आ गई जुदाई तक

शाज़ तमकनत

सुख़न राज़-ए-नशात-ओ-ग़म का पर्दा हो ही जाता है

शाज़ तमकनत

शब ओ रोज़ जैसे ठहर गए कोई नाज़ है न नियाज़ है

शाज़ तमकनत

सन कर बयान-ए-दर्द कलेजा दहल न जाए

शाज़ तमकनत

न महफ़िल ऐसी होती है न ख़ल्वत ऐसी होती है

शाज़ तमकनत

मिरा ज़मीर बहुत है मुझे सज़ा के लिए

शाज़ तमकनत

कुछ अजब आन से लोगों में रहा करते थे

शाज़ तमकनत

बना हुस्न-ए-तकल्लुम हुस्न-ए-ज़न आहिस्ता आहिस्ता

शाज़ तमकनत

फ़रियाद और तुझ को सितमगर कहे बग़ैर

शौक़ क़िदवाई

तर्क-ए-लज़्ज़ात पे माइल जो ब-ज़ाहिर है मिज़ाज

शौक़ बहराइची

है शैख़ ओ बरहमन पर ग़ालिब गुमाँ हमारा

शौक़ बहराइची

याद

शौकत परदेसी

ग़म की अँधेरी राहों में तो तुम भी नहीं काम आओ हो

शौकत परदेसी

नज़र भर देख लूँ बस

शारिक़ कैफ़ी

किसी ताँगे में फिर सामान रक्खा जा रहा है

शारिक़ कैफ़ी

ख़ाक को मैं ख़्वार क्यूँ करता

शारिक़ कैफ़ी

बात फाँसी के दिन की नहीं

शारिक़ कैफ़ी

वो दिन भी थे कि इन आँखों में इतनी हैरत थी

शारिक़ कैफ़ी

सियाने थे मगर इतने नहीं हम

शारिक़ कैफ़ी

निगाह नीची हुई है मेरी

शारिक़ कैफ़ी

दिखाई देंगे जो गुल मेज़ पर क़रीने से

शारिक़ जमाल

मिले हैं दर्द ही मुझ को मोहब्बतों के एवज़

शारिब मौरान्वी

जो तेरी यादों से इस दिल का आफ़्ताब मिले

शारिब मौरान्वी

सब्ज़ सूरज की किरन

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

माह-ए-मुनीर

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

बैत-ए-अंकबूत

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

अँधेरी शब से एक ला-हासिल

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

क़बीला-वार अदावत का सिलसिला 'तारिक़'

शमीम तारिक़

दूर तक फैली हुई है तीरगी बातें करो

शमीम रविश

दीवार की सूरत था कभी दर की तरह था

शमीम रविश

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.