दूर Poetry (page 8)

उम्र की इस नाव का चलना भी क्या रुकना भी क्या

वज़ीर आग़ा

लाज़िम कहाँ कि सारा जहाँ ख़ुश-लिबास हो

वज़ीर आग़ा

पाँव ज़ख़्मी हुए और दूर है मंज़िल 'वासिफ़'

वासिफ़ देहलवी

वो जिस की जुस्तुजू-ए-दीद में पथरा गईं आँखें

वासिफ़ देहलवी

हम-सफ़र थम तो सही दिल को सँभालूँ तो चलूँ

वासिफ़ देहलवी

फूल अपने वस्फ़ सुनते हैं उस ख़ुश-नसीब से

वसीम ख़ैराबादी

लहू न हो तो क़लम तर्जुमाँ नहीं होता

वसीम बरेलवी

ख़्वाब नहीं देखा है

वसीम बरेलवी

एक नज़्म

वसीम बरेलवी

यही बज़्म-ए-ऐश होगी यही दौर-ए-जाम होगा

वसीम बरेलवी

मुझे बुझा दे मिरा दौर मुख़्तसर कर दे

वसीम बरेलवी

मिटे वो दिल जो तिरे ग़म को ले के चल न सके

वसीम बरेलवी

लहू न हो तो क़लम तर्जुमाँ नहीं होता

वसीम बरेलवी

ख़ुशी का साथ मिला भी तो दिल पे बार रहा

वसीम बरेलवी

अपने साए को इतना समझाने दे

वसीम बरेलवी

अंधेरा ज़ेहन का सम्त-ए-सफ़र जब खोने लगता है

वसीम बरेलवी

अपने अंदर उतर रहा हूँ मैं

वक़ार वासिक़ी

जान नहीं पहचान नहीं है

वक़ार मानवी

ज़ख़्म खाते हैं जी जलाते हैं

वक़ार ख़ान

जो तुझे और मुझे एक कर सका नहीं

वक़ार ख़ान

नज़र मिलते ही बरसे अश्क-ए-ख़ूँ क्यूँ दीदा-ए-तर से

वक़ार बिजनोरी

इस दौर की तख़्लीक़ भी क्या शीशागरी है

वामिक़ जौनपुरी

सफ़र-ए-ना-तमाम

वामिक़ जौनपुरी

भूका बंगाल

वामिक़ जौनपुरी

क़िर्तास पे नक़्शे हमें क्या क्या नज़र आए

वामिक़ जौनपुरी

जो दश्त ख़्वाबों में अक्सर दिखाई देता है

वामिक़ जौनपुरी

आप की नज़रों में शायद इस लिए अच्छा हूँ मैं

वलीउल्लाह वली

शोरिश से चश्म-ए-तर की ज़ि-बस ग़र्क़-ए-आब हूँ

वलीउल्लाह मुहिब

राएगाँ औक़ात खो कर हैफ़ खाना है अबस

वलीउल्लाह मुहिब

दिला ये मय-कदा-ए-इश्क़ है शराब तू पी

वलीउल्लाह मुहिब

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.