जिन्न Poetry (page 17)

नज़र नज़र से वो कलियाँ खिला खिला भी गया

सादिक़ नसीम

जो लब पे न लाऊँ वही शे'रों में कहूँ मैं

सादिक़ नसीम

ये इंतिहा-ए-जुनूँ है कि ग़ैर ही सा लगा

सादिक़ इंदौरी

एक इक लम्हा मुझे ज़ीस्त से बे-ज़ारी है

सादिक़ इंदौरी

ख़ुशबू से हो सका न वो मानूस आज तक

सदफ़ जाफ़री

यहाँ पे हँसना रवा है रोना है बे-हयाई

साबिर

तुम्हारे आलम से मेरा आलम ज़रा अलग है

साबिर

दुरुस्त है कि ये दिन राएगाँ नहीं गुज़रे

सबिहा सबा, न्यूयार्क

पूरी मिरे जुनूँ की ज़रूरत न कर सके

सबा अकबराबादी

पूछें तिरे ज़ुल्म का सबब हम

सबा अकबराबादी

जो देखिए तो करम इश्क़ पर ज़रा भी नहीं

सबा अकबराबादी

इस रंग में अपने दिल-ए-नादाँ से गिला है

सबा अकबराबादी

चला-चल मोहलत-ए-आराम क्या है

सबा अकबराबादी

जताते रहते हैं ये हादसे ज़माने के

साइल देहलवी

हम कि चेहरे पे न लाए कभी वीरानी को

सादुल्लाह शाह

ख़ला-नवर्दी

रियाज़ लतीफ़

बदन के गुम्बद-ए-ख़स्ता को साफ़ क्या करता

रियाज़ लतीफ़

ज़िद हमारी दुआ से होती है

रियाज़ ख़ैराबादी

उस हुस्न का शैदा हूँ उस हुस्न का दीवाना

रियाज़ ख़ैराबादी

मर कर अरे वाइज़ कोई ज़िंदा नहीं होता

रियाज़ ख़ैराबादी

इश्क़ में दिल-लगी सी रहती है

रियाज़ ख़ैराबादी

गुल मुरक़्क़ा' हैं तिरे चाक गरेबानों के

रियाज़ ख़ैराबादी

फ़रियाद-ए-जुनूँ और है बुलबुल की फ़ुग़ाँ और

रियाज़ ख़ैराबादी

आरज़ू भी तो कर नहीं आती

रियाज़ ख़ैराबादी

आप आए तो ख़याल-ए-दिल-ए-नाशाद आया

रियाज़ ख़ैराबादी

मेरे अफ़्कार ने जिस शय से जिला पाई है

रियासत अली ताज

ऐ जुनूँ तू ही छुड़ाए तो छुटूँ इस क़ैद से

रिन्द लखनवी

यार आया है अहवाल-ए-दिल-ए-ज़ार दिखाओ

रिन्द लखनवी

तू आप को पोशीदा ओ इख़्फ़ा न समझना

रिन्द लखनवी

साइलाना उन के दर पर जब मिरा जाना हुआ

रिन्द लखनवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.