मौसम Poetry (page 27)

कोई मौसम मेरी उम्मीदों को रास आया नहीं

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

गए मौसम में मैं ने क्यूँ न काटी फ़स्ल ख़्वाबों की

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

ज़िंदगी के सारे मौसम आ के रुख़्सत हो गए

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

वो ये कह कह के जलाता था हमेशा मुझ को

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

रूठ जाएगा तो मुझ से और क्या ले जाएगा

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

पड़ा है ज़िंदगी के इस सफ़र से साबिक़ा अपना

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

मेरे अंदर एक दस्तक सी कहीं होती रही

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

पढ़िए सबक़ यही है वफ़ा की किताब का

अज़हर नवाज़

एक इक साँस में सदियों का सफ़र काटते हैं

अज़हर नक़वी

दर-पेश नहीं नक़्ल-ए-मकानी कई दिन से

अज़हर नक़वी

जी रहा हूँ मैं उदासी भरी तस्वीर के साथ

अज़हर नैयर

कभी क़रीब कभी दूर हो के रोते हैं

अज़हर इनायती

कभी क़रीब कभी दूर हो के रोते हैं

अज़हर इनायती

एक लम्हे को सही उस ने मुझे देखा तो है

अज़हर अदीब

सुब्ह आती है तो अख़बार से लग जाते हैं

अज़ीज़ परीहारी

कर्ब हरे मौसम का तब तक सहना पड़ता है

आज़ाद गुलाटी

सात सुरों का बहता दरिया तेरे नाम

अय्यूब ख़ावर

किन आवाज़ों का सन्नाटा मुझ में है

अय्यूब ख़ावर

घर दरवाज़े से दूरी पर सात समुंदर बीच

अय्यूब ख़ावर

कितना मुश्किल है

अतीक़ुल्लाह

आने वाला तो हर इक लम्हा गुज़र जाता है

अतीक़ुल्लाह

सोचते और जागते साँसों का इक दरिया हूँ मैं

अतहर नफ़ीस

न शाम है न सवेरा अजब दयार में हूँ

अतहर नफ़ीस

क्या वक़्त पड़ा है तिरे आशुफ़्ता-सरों पर

अतहर नफ़ीस

कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा

अतहर नफ़ीस

दिल की मसर्रतें नई जाँ का मलाल है नया

अतहर नफ़ीस

किसे दिमाग़ कि उलझे तिलिस्म-ए-ज़ात के साथ

अताउर्रहमान क़ाज़ी

यक लम्हा सही उम्र का अरमान ही रह जाए

अता शाद

परदेसी का ख़त

असरा रिज़वी

ख़िज़ाँ का मौसम

असरा रिज़वी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.