नाम Poetry (page 14)

मुस्कुराने से मुद्दआ' क्या है

सय्यद हामिद

हमारे ख़्वाब कुछ इनइकास लगता है

सय्यद फ़ज़लुल मतीन

ज़ीस्त में कोशिश-ए-नाकाम से पहले पहले

सय्यद आरिफ़ अली

जो माल उस ने समेटा था वो भी सारा गया

सय्यद अनवार अहमद

है किस के लिए लुत्फ़ ग़ज़ब किस के लिए है

सय्यद अमीन अशरफ़

दिल शहर-ए-तहय्युर है कि वो मम्लिकत-आरा

सय्यद अमीन अशरफ़

बे-लुत्फ़ है ये सोच कि सौदा नहीं रहा

सय्यद अमीन अशरफ़

बहार आती है लेकिन सर में वो सौदा नहीं होता

सय्यद अमीन अशरफ़

तुम मिरे पास रहो जिस्म की गरमी बख़्शो

सय्यद अहमद शमीम

अपना दुनिया से सफ़र ठहरा है

सय्यद अाग़ा अली महर

मेरा जीना है सेज काँटों की

सय्यद आबिद अली आबिद

चैन पड़ता है दिल को आज न कल

सय्यद आबिद अली आबिद

वो लौट आई है ऑफ़िस से हिज्र ख़त्म हुआ

स्वप्निल तिवारी

वापस घर जा ख़त्म हुआ

सालेह नदीम

हर लम्हा ज़िंदगी के पसीने से तंग हूँ

सूर्यभानु गुप्त

यही नहीं कि मिरा दिल ही मेरे बस में न था

सुरूर बाराबंकवी

देख के मुझ को हँस देता है

सुलतान सुबहानी

अभी तक साँस लम्हे बुन रही है

सुलतान सुबहानी

हर एक दास्ताँ तुझ से शुरूअ होती है

सुल्तान अख़्तर

तिलिस्म-ए-कार-ए-जहाँ का असर तमाम हुआ

सुल्तान अख़्तर

सरसब्ज़ मौसमों का असर ले गया कोई

सुल्तान अख़्तर

साँस उखड़ी हुई सूखे हुए लब कुछ भी नहीं

सुल्तान अख़्तर

जिस को क़रीब पाया उसी से लिपट गए

सुल्तान अख़्तर

बराए नाम सही दिन के हाथ पीले हैं

सुल्तान अख़्तर

बराए नाम सही दिन के हाथ पीले हैं

सुल्तान अख़्तर

अब तक लहू का ज़ाइक़ा ख़ंजर पे नक़्श है

सुल्तान अख़्तर

वो सर से पाँव तलक चाहतों में डूबा था

सुलेमान ख़ुमार

तुझ से बिछड़ूँ तो ये ख़दशा है अकेला हो जाऊँ

सुलेमान ख़ुमार

शायरी मज़हर-ए-अहवाल-ए-दरूं है यूँ है

सुलेमान ख़ुमार

न ढलती शाम न ठंडी सहर में रक्खा है

सुलेमान ख़ुमार

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.