पास Poetry (page 13)

सभी रास्ते तिरे नाम के सभी फ़ासले तिरे नाम के

शहनवाज़ ज़ैदी

मिसरे के वस्त में खड़ा हूँ

शहनवाज़ ज़ैदी

सलीक़ा इश्क़ में मेरा बड़े कमाल का था

शाहिदा हसन

आँखों में है पर आँख ने देखा नहीं अभी

शाहिद शैदाई

ज़िंदगी मेरी हुई है फिर निढाल

शाहिद नईम

एक लम्हा

शाहिद माहुली

ये जो रब्त रू-ब-ज़वाल है ये सवाल है

शाहिद लतीफ़

सब हैं मसरूफ़ किसी को यहाँ फ़ुर्सत नहीं है

शाहिद कमाल

मैं कहाँ तक तुझे सफ़ाई दूँ

शाहिद कमाल

हर आइने में बदन अपना बे-लिबास हुआ

शाहिद कबीर

साज़-ए-दिल साज़-ए-जुनूँ साज़-ए-वफ़ा कुछ भी नहीं

शाहिद भोपाली

तेरे सिवा

शाहिद अख़्तर

ज़माना मेरी तबाही पे जो उदास हुआ

शाहीन बद्र

दवाम

शहाब जाफ़री

रोज़-ए-ख़िज़ाँ चमन में जो देखा हज़ार के

शाह वाक़िफ़

ज़ुल्फ़ छुटती तिरे रुख़ पर तो दिल अपना फिरता

शाह नसीर

शमीम-ए-ज़ुल्फ़-ए-मुअम्बर जो रू-ए-यार से लूँ

शाह नसीर

मैं ने बिठला के जो पास उस को खिलाया बीड़ा

शाह नसीर

हाथों को उठा जान से आख़िर को रहूँगा

शाह नसीर

फ़ुर्सत एक दम की है जूँ हबाब पानी याँ

शाह नसीर

हमारे पास था जो कुछ लुटा के बैठ रहे

शफ़क़त तनवीर मिर्ज़ा

हमारे हाल पे किस दिन जफ़ा नहीं करते

शफ़क़त काज़मी

बे-नाम दयारों से हम लोग भी हो आए

शफ़ीक़ सलीमी

शब-ए-फ़िराक़ का मारा हूँ दिल-गिरफ़्ता हूँ

शफ़ीक़ देहलवी

लुंज वो पा-ए-तलब हूँ कहीं जा ही न सकूँ

शाद लखनवी

हस्ती-ओ-अदम में नफ़स-ए-चंद बशर के

शाद लखनवी

ढूँडोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम

शाद अज़ीमाबादी

मौसम के पास कोई ख़बर मो'तबर भी हो

शबनम शकील

हाथ न आई दुनिया भी और इश्क़ में भी गुमनाम रहे

शबनम शकील

मेरे प्यार का क़िस्सा तो हर बस्ती में मशहूर है चाँद

शबनम रूमानी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.