पास Poetry (page 12)

तुम आओगे

शाइस्ता हबीब

दर्द तू मेरे पास से मरते तलक न जाइयो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आई ईद व दिल में नहीं कुछ हवा-ए-ईद

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तू देख उसे सब जा आँखों के उठा पर्दे

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

था पास अभी किधर गया दिल

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

क्या सताते हो रहो बंदा-नवाज़

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

इश्क़ में पास-ए-जाँ नहीं है दुरुस्त

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

इस ज़माने में न हो क्यूँकर हमारा दिल उदास

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

हम को कब इंतिज़ार है फ़स्ल-ए-बहार हो न हो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आई ईद व दिल में नहीं कुछ हवा-ए-ईद

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

शिकस्ता छत में परिंदों को जब ठिकाना मिला

शहज़ाद नय्यर

जो कुछ भी मेरे पास थी दौलत निगल गई

शहज़ाद हुसैन साइल

यूँ किस तरह बताऊँ कि क्या मेरे पास है

शहज़ाद अहमद

हमारे पेश-ए-नज़र मंज़िलें कुछ और भी थीं

शहज़ाद अहमद

अन-कही

शहज़ाद अहमद

वो मिरे पास है क्या पास बुलाऊँ उस को

शहज़ाद अहमद

वो जा चुका है तो क्यूँ बे-क़रार इतने हो

शहज़ाद अहमद

तिरी तलाश तो क्या तेरी आस भी न रहे

शहज़ाद अहमद

सूरज की किरन देख के बेज़ार हुए हो

शहज़ाद अहमद

लगे थे ग़म तुझे किस उम्र में ज़माने के

शहज़ाद अहमद

फ़स्ल-ए-गुल ख़ाक हुई जब तो सदा दी तू ने

शहज़ाद अहमद

दिल से ये कह रहा हूँ ज़रा और देख ले

शहज़ाद अहमद

बाग़ का बाग़ उजड़ गया कोई कहो पुकार कर

शहज़ाद अहमद

नज़राना तेरे हुस्न को क्या दें कि अपने पास

शहरयार

मंज़र गुज़िश्ता शब के दामन में भर रहा है

शहरयार

किस फ़िक्र किस ख़याल में खोया हुआ सा है

शहरयार

दिल चीज़ क्या है आप मिरी जान लीजिए

शहरयार

मिरे सुख़न पे इक एहसान अब के साल तो कर

शहराम सर्मदी

मता-ए-पास-ए-वफ़ा खो नहीं सकूँगा मैं

शहराम सर्मदी

हम अपने इश्क़ की बाबत कुछ एहतिमाल में हैं

शहराम सर्मदी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.