कदम Poetry (page 5)

खंडर आसेब और फूल

वहीद अख़्तर

कहीं शुनवाई नहीं हुस्न की महफ़िल के ख़िलाफ़

वहीद अख़्तर

दफ़्तर-ए-लौह ओ क़लम या दर-ए-ग़म खुलता है

वहीद अख़्तर

वफ़ा की मंज़िलों को हम ने इस तरह सजा लिया

वफ़ा सिद्दीक़ी

अब हम चराग़ बन के सर-ए-राह जल उठे

विश्वनाथ दर्द

महताब फ़ज़ा के आइने में

वसाफ़ बासित

ये क़दम क़दम कशाकश दिल बे-क़रार क्या है

वारिस किरमानी

खोए हुए सहरा तक ऐ बाद-ए-सबा जाना

वारिस किरमानी

ज़मीं से आसमाँ तक आसमाँ से ला-मकाँ तक है

वहशी कानपुरी

अक्सर मिरी ज़मीं ने मिरे इम्तिहाँ लिए

उषा भदोरिया

क़दम क़दम पे मैं सँभला हूँ ठोकरें खा कर

उरूज ज़ैदी बदायूनी

किसे बताऊँ कि ग़म क्या है सरख़ुशी क्या है

उरूज ज़ैदी बदायूनी

हर क़दम पर मुझे लग़्ज़िश का गुमाँ होता है

उरूज ज़ैदी बदायूनी

वो आए जाता है कब से पर आ नहीं जाता

उर्फ़ी आफ़ाक़ी

रवाँ दवाँ सू-ए-मंज़िल है क़ाफ़िला कि जो था

उर्फ़ी आफ़ाक़ी

अब कू-ए-सनम चार क़दम ही का सफ़र है

उमर फ़ारूक़

जिस आईने में भी झाँका नज़र उसी से मिली

उमर अंसारी

इक तीर नहीं क्या तिरी मिज़्गाँ की सफ़ों में

तौसीफ़ तबस्सुम

बजा कि दरपय-ए-आज़ार चश्म-ए-तर है बहुत

तौसीफ़ तबस्सुम

आख़िर ख़ुद अपने ही लहू में डूब के सर्फ़-ए-विग़ा होगे

तौसीफ़ तबस्सुम

आइना मिलता तो शायद नज़र आते ख़ुद को

तौसीफ़ तबस्सुम

सूरत-ए-इश्क़ बदलता नहीं तू भी मैं भी

तौक़ीर तक़ी

आ गई धूप मिरी छाँव के पीछे पीछे

तौक़ीर रज़ा

तमाम उम्र-ए-रवाँ का माल हैरत है

तसनीम आबिदी

अश्क टपकें लाख होंटों की हँसी जाती नहीं

तरुणा मिश्रा

क्या अजब लोग थे गुज़रे हैं बड़ी शान के साथ

तारिक़ क़मर

लहु लहु आँखें

तारिक़ क़मर

जौन-एलिया से आख़री मुलाक़ात

तारिक़ क़मर

वो मेरे ख़्वाब की ताबीर तो बताए मुझे

तारिक़ क़मर

सारे ज़ख़्मों को ज़बाँ मिल गई ग़म बोलते हैं

तारिक़ क़मर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.