रंग Poetry (page 30)

अलकुबड़े

साक़ी फ़ारुक़ी

वो लोग जो ज़िंदा हैं वो मर जाएँगे इक दिन

साक़ी फ़ारुक़ी

सफ़र की धूप में चेहरे सुनहरे कर लिए हम ने

साक़ी फ़ारुक़ी

मुझे ख़बर थी मिरा इंतिज़ार घर में रहा

साक़ी फ़ारुक़ी

मौत ने पर्दा करते करते पर्दा छोड़ दिया

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं एक रात मोहब्बत के साएबान में था

साक़ी फ़ारुक़ी

हमारी तबाही में कुछ उस का एहसाँ भी है

साक़ी फ़ारुक़ी

गई नहीं तिरे ज़ुल्म-ओ-सितम की ख़ू अब तक

संजय मिश्रा शौक़

ज़मीं कुछ फ़लक को बताने लगी है

संदीप कोल नादिम

ये रस्ता

समीना राजा

इक उम्र की देर

समीना राजा

शरह-ए-जमाल कीजे शहादत के मा-सिवा

समद अंसारी

दस्त-ए-शबनम पे दम-ए-शो'ला-नवाई न रखो

समद अंसारी

कैसे कैसे रंग हैं तन्हाई की तस्वीर में

सलमान सिद्दीक़ी

यूँ भला तुम पर सजा कब आइने में देखना

सलमान सिद्दीक़ी

उदास चेहरे वाली ख़ूबसूरत लड़की के लिए एक नज़्म

सलमान सईद

बग़दाद

सलमान अंसारी

थी ये उम्मीद कि वो लौट के घर आएगा

सलमा शाहीन

शिकार हो गया वो ख़ुद ही इस ज़माने का

सलमा शाहीन

मसअला हुस्न-ए-तख़य्युल का है न इल्हाम का है

सलमा शाहीन

अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे

सालिम सलीम

कहीं पे चीख़ होगी और कहीं किलकारियां होंगी

सलीम रज़ा रीवा

बढ़ते हैं ख़ुद-ब-ख़ुद क़दम अज़्म-ए-सफ़र को क्या करूँ

सालिक लखनवी

मंज़र-ए-ख़ेमा-ए-शब देखने वाला होगा

सलीम सिद्दीक़ी

सदियों के रंग-ओ-बू को न ढूँडो गुफाओं में

सलीम शहज़ाद

रहा वो शहर में जब तक बड़ा दबंग रहा

सलीम शहज़ाद

किसी रुत में जब मुस्कुराता है तू

सलीम शहज़ाद

मुर्दा रगों में ख़ून की गर्मी कहाँ से आई

सलीम शाहिद

मत पूछ कि इस पैकर-ए-ख़ुश-रंग में क्या है

सलीम शाहिद

मंज़र मिरी आँखों में रहे दश्त-ए-सफ़र के

सलीम शाहिद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.