मांग Poetry (page 12)

मस्त-ए-निगाह-ए-नाज़ का अरमाँ निकालिए

साहिर देहल्वी

दिल को यकसूई ने दी तर्क-ए-तअ'ल्लुक़ की सलाह

साहिर देहल्वी

मन के मंदिर में है उदासी क्यूँ

सहर अंसारी

हाथ आ सका है सिलसिला-ए-जिस्म-ओ-जाँ कहाँ

सहर अंसारी

दे सकेगा न तुम्हें फिर कोई आवाज़ कहीं

सग़ीर अहमद सग़ीर अहसनी

जिसे सुनाओगे पहले ही सुन चुका होगा

सग़ीर मलाल

हूरों की तलब और मय ओ साग़र से है नफ़रत

साग़र सिद्दीक़ी

जज़्बा-ए-सोज़-ए-तलब को बे-कराँ करते चलो

साग़र सिद्दीक़ी

बरगश्ता-ए-यज़्दान से कुछ भूल हुई है

साग़र सिद्दीक़ी

न कश्ती है न फ़िक्र-ए-ना-ख़ुदा है

साग़र निज़ामी

दुरून-ए-चश्म हर इक ख़्वाब मर रहा है बस

सादिया सफ़दर सादी

रश्क-ए-महताब जहाँ-ताब था हर क़र्या-ए-जाँ

सादिक़ नसीम

'बेदिल' का तख़य्युल हूँ न ग़ालिब की नवा हूँ

सादिक़ नसीम

मिलूँ तो कैसे मिलूँ बे-तलब किसी से मैं

साबिर ज़फ़र

वो नींद अधूरी थी क्या ख़्वाब-ए-ना-तमाम था क्या

साबिर ज़फ़र

वो नींद अधूरी थी क्या ख़्वाब ना-तमाम था क्या

साबिर ज़फ़र

तुझ से दामन-कशाँ नहीं हूँ मैं

सबा अकबराबादी

कसरत-ए-जल्वा को आईना-ए-वहदत समझो

सबा अकबराबादी

जो देखिए तो करम इश्क़ पर ज़रा भी नहीं

सबा अकबराबादी

नाव काग़ज़ की सही कुछ तो नज़र से गुज़रे

सादुल्लाह कलीम

जब कि सारी काएनात उस की निगहबानी में है

रोहित सोनी ‘ताबिश’

गले लगाएँ बलाएँ लें तुम को प्यार करें

रिन्द लखनवी

दिल किस से लगाऊँ कहीं दिलबर नहीं मिलता

रिन्द लखनवी

नक़ाब-ए-रुख़ उठा कर हुस्न जब जल्वा-फ़िगन होगा

रिफ़अत सेठी

लोग उट्ठे हैं तिरी बज़्म से क्या क्या हो कर

रिफ़अत सेठी

गली गली मिरी वहशत लिए फिरे है मुझे

रिफ़अत सरोश

अंदेशा-हा-ए-दूर-दराज़

रियाज़ मजीद

वक़्त ख़ुश-ख़ुश काटने का मशवरा देते हुए

रियाज़ मजीद

उम्र-भर इश्क़ किसी तौर न कम हो आमीन

रहमान फ़ारिस

तुम किसी तौर किसी शक्ल नहीं कर सकते

राज़िक़ अंसारी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.