Geet Poetry

ज़िंदगी-भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात

साहिर लुधियानवी

ये दुनिया दो-रंगी है

साहिर लुधियानवी

ये दौलत भी ले लो ये शोहरत भी ले लो

सुदर्शन फ़ाकिर

सब में शामिल हो मगर सब से जुदा लगती हो

साहिर लुधियानवी

नज़र से दिल में समाने वाले मिरी मोहब्बत तिरे लिए है

साहिर लुधियानवी

नहीं किया तो कर के देख

साहिर लुधियानवी

मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मैं

साहिर लुधियानवी

मिरे दिल में आज क्या है तू कहे तो मैं बता दूँ

साहिर लुधियानवी

मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं

साहिर लुधियानवी

मैं जागूँ सारी रैन सजन तुम सो जाओ

साहिर लुधियानवी

मैं जब भी अकेली होती हूँ तुम चुपके से आ जाते हो

साहिर लुधियानवी

कहाँ है मेरा हिन्दोस्तान...

अजमल सुल्तानपूरी

कभी कभी

साहिर लुधियानवी

जो बात तुझ में है तिरी तस्वीर में नहीं

साहिर लुधियानवी

जीवन के सफ़र में राही

साहिर लुधियानवी

ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम

साहिर लुधियानवी

भूल सकता है भला कौन ये प्यारी आँखें

साहिर लुधियानवी

अब वो करम करें कि सितम मैं नशे में हूँ

साहिर लुधियानवी

आज की रात मुरादों की बरात आई है

साहिर लुधियानवी