Nazam Poetry

श्री गुरु-नानक

शातिर अमृतसरी

सुल्तान अख़्तर पटना के नाम

रज़ा नक़वी वाही

विसाल

बलराज कोमल

आओ फिर से दिया जलाएँ

अटल बिहारी वाजपेयी

हिज्र

अज़ीमुद्दीन अहमद

उठ के दर से तुम्हारे अगर जाएँगे

हरभजन सिंह सोढ़ी बिस्मिल

इक्कीसवीं सदी का इश्क़

मर्यम तस्लीम कियानी

सुनो ना जानाँ

असरा रिज़वी

मिरी याद तुम को भी आती तो होगी

क़लील झांसवी

हम को आगही न दो

मर्यम तस्लीम कियानी

कहानी बस इतनी सी थी

मर्यम तस्लीम कियानी

दूसरा जन्म

बलराज कोमल

बच्चों का जुलूस

बलराज कोमल

दस्तूर साज़ी की कोशिश

रज़ा नक़वी वाही

रंग जो ख़ुश्बू न था

बलराज कोमल

मकान ख़ाली है

अज़ीज़ क़ैसी

फूलों से सजा इक सेज दिखा

असरा रिज़वी

अना

अज़ीज़ क़ैसी

तहरीर

बलराज कोमल

मेरे आसमान के चाँद को ख़बर दो

मर्यम तस्लीम कियानी

हम्द

मुबश्शिर अली ज़ैदी

तरखान

मुबश्शिर अली ज़ैदी

दीवार

मुबश्शिर अली ज़ैदी

याद रह जाने की कोशिश

मुबश्शिर अली ज़ैदी

बसंती

मुबश्शिर अली ज़ैदी

सियानी

मुबश्शिर अली ज़ैदी

शम्अ'

मुबश्शिर अली ज़ैदी

नज़्म

मुबश्शिर अली ज़ैदी

तलाश

मुबश्शिर अली ज़ैदी

इस्म-ए-आज़म

मुबश्शिर अली ज़ैदी