बात Poetry (page 33)

चमन को आग लगाने की बात करता हूँ

शाद आरफ़ी

चमन को आग लगाने की बात करता हूँ

शाद आरफ़ी

मिरे हक़ में कोई ऐसी दुआ कर

सीमान नवेद

यही ठहरा कि अब उस ओर जाना भी नहीं है

सीमाब ज़फ़र

मेरे ख़तों को जलाने से कुछ नहीं होगा

सीमा शर्मा मेरठी

सुर्ख़ सुनहरी सब्ज़ और धानी होती है

सीमा नक़वी

सानेहे लाख सही हम पे गुज़रने वाले

सीमा नक़वी

एक बस तू नहीं मिलता है मुझे खोने को

सीमा नक़वी

हमारे सानेहे हम को सुना रहे क्यूँ हो

सीमा ग़ज़ल

यूँ बातें तो बहुत सारी करोगे

सय्यदा अरशिया हक़

तेरे लिए मैं बाज़ी लगाऊंगी जान की

सय्यदा अरशिया हक़

इश्क़ है दरिया-ए-आतिश तैर कर जाने का नाम

सय्यद जहीरुद्दीन ज़हीर

हुआ दे कर दबे शो'लों को भड़काया नहीं जाता

सय्यद जहीरुद्दीन ज़हीर

एक डायलॉग सुब्ह के वक़्त

सय्यद साजिद

शम्अ' रौशन कोई कर दे मिरे ग़म-ख़ाने में

सय्यद एजाज़ अहमद रिज़वी

मआल-ए-इशक़-ओ-मुहब्बत से आश्ना तो नहीं

सय्यद आशूर काज़मी

हर एक पे ये राज़ भी इफ़्शा नहीं होता

साईल इमरान

रोज़ इक बात मिरे दिल को सताती है 'ज़िया'

सय्यद ज़िया अल्वी

दिल-ए-बर्बाद में फिर उस की तमन्ना क्यूँ है

सय्यद ज़िया अल्वी

बिस्तर-ए-हिज्र की शिकनों पे कहानी लिख दे

सय्यद ज़िया अल्वी

सरों पे धूप तो आँखों में ख़्वाब पत्थर के

सय्यद सफ़ी हसन

तुम समझ लेते गर परेशानी

सावन शुक्ला

परेशाँ था मगर ऐसा नहीं था

सावन शुक्ला

तन्हाई का इलाज ये महँगा बहुत पड़ा

सौरभ शेखर

सियाह रात के दरिया को पार करते चलो

सौरभ शेखर

इक चराग़-ए-दिल फ़क़त रौशन अगर मेरा भी है

सौरभ शेखर

आसाँ तो न था धूप में सहरा का सफ़र कुछ

सौरभ शेखर

तुझ बिन बहुत ही कटती है औक़ात बे-तरह

मोहम्मद रफ़ी सौदा

नसीम है तिरे कूचे में और सबा भी है

मोहम्मद रफ़ी सौदा

ग़ुंचे से मुस्कुरा के उसे ज़ार कर चले

मोहम्मद रफ़ी सौदा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.