दिन Poetry (page 29)

हो चुकी बाग़ में बहार अफ़सोस

शाह नसीर

ग़र्क़ न कर दिखला कर दिल को कान का बाला ज़ुल्फ़ का हल्क़ा

शाह नसीर

फ़ुर्सत एक दम की है जूँ हबाब पानी याँ

शाह नसीर

इक क़ाफ़िला है बिन तिरे हम-राह सफ़र में

शाह नसीर

दिल में है क्या जानिए किस का ख़याल-ए-नक़्श-ए-पा

शाह नसीर

दिल इश्क़-ए-ख़ुश-क़दाँ में जो ख़्वाहान-ए-नाला था

शाह नसीर

देख तू यार-ए-बादा-कश! मैं ने भी काम क्या किया

शाह नसीर

चश्म में कब अश्क भर लाते हैं हम

शाह नसीर

बादा-कशी के सिखलाते हैं क्या ही क़रीने सावन-भादों

शाह नसीर

लश्कर-ए-इश्क़ आ पड़ा है मुल्क-ए-दिल पर टूट टूट

शाह आसिम

मुल्ज़िम ठहरी मैं अपनी सच्चाई से

सगुफ़ता यासमीन

रेग-ए-रवाँ पे नक़्श-ए-कफ़-ए-पा न देखना

शफ़क़त तनवीर मिर्ज़ा

पलट पलट के मैं अपने पे ख़ुद ही वार करूँ

शफ़क़त सेठी

हमारे हाल पे किस दिन जफ़ा नहीं करते

शफ़क़त काज़मी

सवाल करता नहीं और जवाब उस की तलब

शफ़ीक़ सलीमी

रुकूँ तो रुकता है चलने पे साथ चलता है

शफ़ीक़ सलीमी

आ गया था एक दिन लब पर जफ़ाओं का गिला

शफ़ीक़ जौनपुरी

फ़साना-ए-सितम-ए-काएनात कहते हैं

शायर फतहपुरी

लिल्लाह कोई कोशिश न करे उल्फ़त में मुझे समझाने की

शादाँ इंदौरी

आदतन मायूस अब तो शाम है

शादाब उल्फ़त

हुई तो जा दिल में उस सनम की नमाज़ में सर झुका झुका कर

शाद लखनवी

गर जुनूँ कर मुझे पाबंद-ए-सलासिल जाता

शाद लखनवी

गले लिपटे हैं वो बिजली के डर से

शाद लखनवी

दुखा दिल भी टुकड़े जिगर होते होते

शाद लखनवी

ये रात भयानक हिज्र की है काटेंगे बड़े आलाम से हम

शाद अज़ीमाबादी

तेरी ज़ुल्फ़ें ग़ैर अगर सुलझाएगा

शाद अज़ीमाबादी

न जाँ-बाज़ों का मजमा था न मुश्ताक़ों का मेला था

शाद अज़ीमाबादी

न दिल अपना न ग़म अपना न कोई ग़म-गुसार अपना

शाद अज़ीमाबादी

किस बुरी साअत से ख़त ले कर गया

शाद अज़ीमाबादी

हज़ार हैफ़ छुटा साथ हम-नशीनों का

शाद अज़ीमाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.