दुनिया Poetry (page 34)

अपनी लौ में कोई डूबा ही नहीं

समद अंसारी

आईना-दिल दाग़-ए-तमन्ना के लिए था

समद अंसारी

बग़दाद

सलमान अंसारी

क्या दिखाता है ये सफ़र देखो

सलमान अख़्तर

जागते में भी ख़्वाब देखे हैं

सलमान अख़्तर

दोस्ती कुछ नहीं उल्फ़त का सिला कुछ भी नहीं

सलमान अख़्तर

तआ'क़ुब मेरा ख़ुशबू कर रही थी

सलमा शाहीन

पेश-ए-इदराक मिरी फ़िक्र के शाने खुल जाएँ

सलीम शुजाअ अंसारी

मिरे ठहराव को कुछ और भी वुसअत दी जाए

सालिम सलीम

कुछ तो ठहरे हुए दरिया में रवानी करें हम

सालिम सलीम

कुछ भी नहीं है बाक़ी बाज़ार चल रहा है

सालिम सलीम

बुझी बुझी हुई आँखों में गोशवारा-ए-ख़्वाब

सालिम सलीम

इतनी क़ुर्बत भी नहीं ठीक है अब यार के साथ

सलीम सिद्दीक़ी

इक दरीचे की तमन्ना मुझे दूभर हुई है

सलीम सिद्दीक़ी

घर के दरवाज़े खुले हों चोर का खटका न हो

सलीम शाहिद

यहाँ वहाँ कुछ लफ़्ज़ हैं मेरे नज़्में ग़ज़लें तेरी हैं

सलीम मुहीउद्दीन

इधर उधर से किताब देखूँ

सलीम मुहीउद्दीन

एक तरफ़ तिरे हुस्न की हैरत एक तरफ़ दुनिया

सलीम कौसर

दुनिया अच्छी भी नहीं लगती हम ऐसों को 'सलीम'

सलीम कौसर

वहाँ महफ़िल न सजाई जहाँ ख़ल्वत नहीं की

सलीम कौसर

तुझ से बढ़ कर कोई प्यारा भी नहीं हो सकता

सलीम कौसर

तू सूरज है तेरी तरफ़ देखा नहीं जा सकता

सलीम कौसर

तारे जो कभी अश्क-फ़िशानी से निकलते

सलीम कौसर

न कोई नाम ओ नसब है न गोश्वारा मिरा

सलीम कौसर

मुलाक़ातों का ऐसा सिलसिला रक्खा है तुम ने

सलीम कौसर

मोहलत न मिली ख़्वाब की ताबीर उठाते

सलीम कौसर

लौ को छूने की हवस में एक चेहरा जल गया

सलीम कौसर

कोई सच्चे ख़्वाब दिखाता है पर जाने कौन दिखाता है

सलीम कौसर

किस की तहवील में थे किस के हवाले हुए लोग

सलीम कौसर

उसे ख़ुद को बदल लेना गवारा भी नहीं होता

सलीम फ़राज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.