दुनिया Poetry (page 33)

जीना मरना दोनों मुहाल

सरस्वती सरन कैफ़

कैसे टहलता है चाँद

सारा शगुफ़्ता

वस्ल की उम्मीद बढ़ते बढ़ते थक कर रह गई

साक़िब लखनवी

मैं नहीं कहता कि दुनिया को बदल कर राह चल

साक़िब लखनवी

हिज्र की शब नाला-ए-दिल वो सदा देने लगे

साक़िब लखनवी

मैं मसरूर हूँ उस से महजूर हो कर

साक़िब कानपुरी

मुझ को मिरी शिकस्त की दोहरी सज़ा मिली

साक़ी फ़ारुक़ी

मिट जाएगा सेहर तुम्हारी आँखों का

साक़ी फ़ारुक़ी

जिस की हवस के वास्ते दुनिया हुई अज़ीज़

साक़ी फ़ारुक़ी

मरता लम्हा

साक़ी फ़ारुक़ी

हम-ज़ाद

साक़ी फ़ारुक़ी

ये ज़ुल्म है ख़याल से ओझल न कर उसे

साक़ी फ़ारुक़ी

यहीं कहीं पे कभी शोला-कार मैं भी था

साक़ी फ़ारुक़ी

वो लोग जो ज़िंदा हैं वो मर जाएँगे इक दिन

साक़ी फ़ारुक़ी

वहशत दीवारों में चुनवा रक्खी है

साक़ी फ़ारुक़ी

सुर्ख़ चमन ज़ंजीर किए हैं सब्ज़ समुंदर लाया हूँ

साक़ी फ़ारुक़ी

सोच में डूबा हुआ हूँ अक्स अपना देख कर

साक़ी फ़ारुक़ी

शहर का शहर हुआ जान का प्यासा कैसा

साक़ी फ़ारुक़ी

रेत की सूरत जाँ प्यासी थी आँख हमारी नम न हुई

साक़ी फ़ारुक़ी

मुझ को मिरी शिकस्त की दोहरी सज़ा मिली

साक़ी फ़ारुक़ी

मिट्टी थी ख़फ़ा मौज उठा ले गई हम को

साक़ी फ़ारुक़ी

मौत ने पर्दा करते करते पर्दा छोड़ दिया

साक़ी फ़ारुक़ी

मैं फिर से हो जाऊँगा तन्हा इक दिन

साक़ी फ़ारुक़ी

इक रात हम ऐसे मिलें जब ध्यान में साए न हों

साक़ी फ़ारुक़ी

मंज़िलें लाख कठिन आएँ गुज़र जाऊँगा

साक़ी अमरोहवी

करनी नहीं है दुनिया में इक दुश्मनी मुझे

संजीव आर्या

शबीह-ए-रूह कुछ ऐसे निखार दी गई है

संजय मिश्रा शौक़

फ़ज़ा-ए-ज़ेहन की जलती हवा बदलने तक

संजय मिश्रा शौक़

इक उम्र की देर

समीना राजा

हम तो यूँ उलझे कि भूले आप ही अपना ख़याल

समीना राजा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.