हाल Poetry (page 48)

लब पे काँटों के है फ़रियाद-ओ-बुका मेरे बाद

अनवर साबरी

मैं तो समझा था जिस वक़्त मुझ को वो मिलेंगे तो जन्नत मिलेगी

अनवर मिर्ज़ापुरी

मेरी पहली नज़्म

अनवर मसूद

कैसी कैसी आयतें मस्तूर हैं नुक़्ते के बीच

अनवर मसूद

कब ज़िया-बार तिरा चेहरा-ए-ज़ेबा होगा

अनवर मसूद

दरमियाँ गर न तिरा वादा-ए-फ़र्दा होता

अनवर मसूद

हो रहा है टुकड़े टुकड़े दिल मेरे ग़म-ख़्वार का

अनवर देहलवी

है भी और फिर नज़र नहीं आती

अनवर देहलवी

अश्क बेताब व निगह बे-बाक व चश्म-ए-तर ख़राब

अनवर देहलवी

अब अपना हाल हम उन्हें तहरीर कर चुके

अनवर देहलवी

आँखें दिखाईं ग़ैर को मेरी ख़ता के साथ

अनवर देहलवी

ख़ुदा भी मेरी तरह बा-कमाल ऐसा था

अनवर महमूद खालिद

जुर्म ठहरा हाल से आगे का नक़्शा देखना

अनसर अली अनसर

सच के सौदे में न पड़ना कि ख़सारा होगा

अंजुम रूमानी

गुज़र रहे हैं गुज़रने वाले

अंजुम रूमानी

यहाँ तो फिर वही दीवार-ओ-दर निकल आए

अंजुम रूमानी

जहाँ तक गया कारवान-ए-ख़याल

अंजुम रूमानी

हम से बात में पेच न डाल

अंजुम रूमानी

है वाक़िआ कुछ और रिवायत कुछ और है

अंजुम रूमानी

दुखी दिलों के लिए ताज़ियाना रखता है

अंजुम रूमानी

वस्ल की रात वो तन्हा होगा

अंजुम लुधियानवी

ख़ुद से मिलना मिलाना भूल गए

अंजुम लुधियानवी

मुझे हँसी भी मिरे हाल पर नहीं आती

अंजुम ख़याली

मिरे मज़ार पे आ कर दिए जलाएगा

अंजुम ख़याली

यही तुम पर भी खुलना है

अंजुम ख़लीक़

यहाँ जो ज़ख़्म मिलते हैं वो सिलते हैं यहीं मेरे

अंजुम ख़लीक़

सुन कहा मान न मानेगा तो पछताएगा

अंजुम फ़ौक़ी बदायूनी

किस का भेद कहाँ की क़िस्मत पगले किस जंजाल में है

अंजुम फ़ौक़ी बदायूनी

ना-उमीदी कुफ़्र है

अंजुम आज़मी

दिल पर यूँही चोट लगी तो कुछ दिन ख़ूब मलाल किया

अनीस अंसारी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.