जाओ Poetry (page 9)

मुबारक वो साअत

शकेब जलाली

बाग़ में कलियों का मुस्काना गया

शाइस्ता सहर

आज लगता है समुंदर में है तुग़्यानी सी

शाइस्ता मुफ़्ती

तुम आओगे

शाइस्ता हबीब

रखता हूँ मैं हक़ पर नज़र कोई कुछ कहो कोई कुछ कहो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

जिस को देखा सो यहाँ दुश्मन-ए-जाँ है अपना

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

जब से तुम्हारी आँखें आलम को भाइयाँ हैं

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

ऐ हवाओ! मुझे दामन में छुपा ले जाओ

शैदा रूमानी

अपने रोज़ ओ शब का आलम कर्बला से कम नहीं

शहज़ाद क़मर

सफ़र भी दूर का है और कहीं नहीं जाना

शहज़ाद अहमद

जिस को जाना ही नहीं उस को ख़ुदा क्यूँ मानें

शहज़ाद अहमद

हम कि इंसान नहीं आँखें हैं

शहज़ाद अहमद

अन-कही

शहज़ाद अहमद

शहर का शहर अगर आए भी समझाने को

शहज़ाद अहमद

मेरी ख़ातिर देर न करना और सफ़र करते जाना

शहज़ाद अहमद

जो शजर सूख गया है वो हरा कैसे हो

शहज़ाद अहमद

जब आफ़्ताब न निकला तो रौशनी के लिए

शहज़ाद अहमद

चेहरों को पैरों से कुचल कर आगे बढ़ जाना

शहनवाज़ ज़ैदी

रौशन आईनों में झूटे अक्स उतार गया

शहनवाज़ ज़ैदी

सानेहा हो के रहा चश्म का मुरझा जाना

शाहिदा हसन

वो क्यूँ आया

शाहिद मलिक

इस अरसा-ए-महशर से गुज़र क्यूँ नहीं जाते

शाहिद कमाल

मय-ख़ाने की बात न कर वाइज़ मुझ से

शाहिद कबीर

ग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है मेरा भी

शाहिद कबीर

रात भी बाक़ी है सहबा भी शीशा भी पैमाना भी

शाहिद इश्क़ी

एक तुम्हारे प्यार की ख़ातिर जग के दुख अपनाए थे

शाहिद इश्क़ी

तुझे इस गाँव से जाना है इक दिन

शाहिद ग़ाज़ी

मिरे बनने से क्या क्या बन रहा था

शाहीन अब्बास

दिए का काम अब आँखें दिखाना रह गया है

शाहीन अब्बास

दर-ए-इम्काँ से गुज़र कर सर-ए-मंज़र आ कर

शाहीन अब्बास

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.