नाम Poetry (page 17)

ख़ुदाया हिन्द पर तेरी इनायत हो इनायत हो

श्याम सुंदर लाल बर्क़

ख़ुदाया हिन्द का रौशन चराग़-ए-आरज़ू कर दे

श्याम सुंदर लाल बर्क़

तुम अपने मरीज़-ग़म-हिज्राँ की ख़बर लो

शऊर बलगिरामी

तुम्हारे नाम कर बैठे दिल-ओ-जाँ की ख़ुशी साहब

शुमाइला बहज़ाद

सब का ही नाम लेते हैं इक तुझ को छोड़ कर

शुजा ख़ावर

उस बेवफ़ा का शहर है और वक़्त-ए-शाम है

शुजा ख़ावर

शिद्दत-ए-इंतिज़ार काम आई

शुजा ख़ावर

ख़ुदा ने चाहा तो सब इंतिज़ाम कर देंगे

शुजा ख़ावर

दिलों में फ़र्क़ है तो गुफ़्तुगू से कुछ नहीं होगा

शुजा ख़ावर

दश्त को जा तो रहे हो सोच लो कैसा लगेगा

शुजा ख़ावर

गिल भीक में लेते हैं जिस फूल से रानाई

शुजा

एहसास की दीवार गिरा दी है चला जा

शोज़ेब काशिर

बहता है कोई ग़म का समुंदर मिरे अंदर

शोज़ेब काशिर

मालूम नहीं क्यूँ

शोरिश काश्मीरी

इक़बाल से हम-कलामी

शोरिश काश्मीरी

मैं जब्हा सा हूँ उस दर-ए-आली-मक़ाम का

शोला अलीगढ़ी

इक ज़माने से फ़लक ठहरा हुआ लगता है

शोहरत बुख़ारी

दिल तलबगार-ए-तमाशा क्यूँ था

शोहरत बुख़ारी

दिल ने किस मंज़िल-ए-बे-नाम में छोड़ा था मुझे

शोहरत बुख़ारी

तेरा चेहरा देख के हर शब सुब्ह दोबारा लिखती है

शोएब निज़ाम

मिल गया जब वो नगीं फिर ख़ूबी-ए-तक़दीर से

शोएब निज़ाम

हवस के बीज बदन जब से दिल में बोने लगा

शोएब निज़ाम

अब्र का टुकड़ा कोई बाला-ए-बाम आता हुआ

शोएब निज़ाम

एक ज़र्रा भी न मिल पाएगा मेरा मुझ को

शोएब बिन अज़ीज़

अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में

शोएब बिन अज़ीज़

तुझे दिल में बसाएँगे तिरे ही ख़्वाब देखेंगे

शमशाद शाद

तमाम ख़ुशियाँ तमाम सपने हम एक दूजे के नाम कर के

शमशाद शाद

कहीं आँसुओं से लिखा हुआ कहीं आँसुओं से मिटा हुआ

शिव रतन लाल बर्क़ पूंछवी

देखो न ज़ात पात न नाम-ओ-नसब 'शिफ़ा'

शिफ़ा कजगावन्वी

वो रक़्स करने लगीं हवाएँ वो बदलियों का पयाम आया

शेवन बिजनौरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.