नूर Poetry (page 21)

जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है

भारतेंदु हरिश्चंद्र

ग़ज़ब है सुर्मा दे कर आज वो बाहर निकलते हैं

भारतेंदु हरिश्चंद्र

तुम याद मुझे आ जाते हो

बहज़ाद लखनवी

नक़्श बर-दीवार

बेबाक भोजपुरी

अहसन तक़्वीम

बेबाक भोजपुरी

ग़म-ए-आफ़ाक़ में आरिफ़ अगर करवट बदलता है

बेबाक भोजपुरी

बड़ी दिल-शिकन है रह-ए-सफ़र कोई हम-सफ़र है न यार है

बेबाक भोजपुरी

यार पहलू में निहाँ था मुझे मा'लूम न था

बयान मेरठी

सुब्ह क़यामत आएगी कोई न कह सका कि यूँ

बयान मेरठी

पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है

बशीर बद्र

जी नहीं लगता किताबों में किताबें क्या करें

बशीर अहमद बशीर

जब अयाँ सुब्ह को वो नूर-ए-मुजस्सम हो जाए

मिर्ज़ा रज़ा बर्क़

शब-ए-फ़ुर्क़त नज़र आते नहीं आसार-ए-सहर

बर्क़ देहलवी

ताबिश-ए-हुस्न हिजाब-ए-रुख़-ए-पुर-नूर नहीं

बर्क़ देहलवी

सुबुक-सरी में भी अंदेशा-ए-हवा रखना

बाक़र नक़वी

दीवानगी की राह में गुम-सुम हुआ न था!

बाक़र मेहदी

सर-ए-राहगुज़र एक मंज़र

बलराज कोमल

इत्तिफ़ाक़

बलराज कोमल

यकायक अक्स धुँदलाने लगे हैं

बकुल देव

रुत न बदले तो भी अफ़्सुर्दा शजर लगता है

बख़्श लाइलपूरी

कुफ़्र एक रंग-ए-क़ुदरत-ए-बे-इंतिहा में है

बहराम जी

हम न बुत-ख़ाने में ने मस्जिद-ए-वीराँ में रहे

बहराम जी

वाँ इरादा आज उस क़ातिल के दिल में और है

ज़फ़र

सुब्ह के दो मंज़र

अज़रा नक़वी

रसूल-ए-काज़िब

अज़ीज़ क़ैसी

मैं नींद के ऐवान में हैरान था कल शब

अज़ीज़ नबील

देख कर हर दर-ओ-दीवार को हैराँ होना

अज़ीज़ लखनवी

तल्ख़-तर और ज़रा बादा-ए-साफ़ी साक़ी

अज़ीज़ हामिद मदनी

एक ही शहर में रहते बस्ते काले कोसों दूर रहा

अज़ीज़ हामिद मदनी

हमेशा वाहिद-ए-यकता बयाँ से गुज़रा है

अज़हर हाश्मी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.