समुद्र Poetry (page 17)

नहीं ये जल्वा-हा-ए-राज़-ए-इरफ़ाँ देखने वाले

बासित भोपाली

पहला सा वो ज़ोर नहीं है मेरे दुख की सदाओं में

बशीर बद्र

अज़ल-ता-अबद

बशर नवाज़

रब्त हर बज़्म से टूटे तिरी महफ़िल के सिवा

बशर नवाज़

क्या क्या लोग ख़ुशी से अपनी बिकने पर तय्यार हुए

बशर नवाज़

यूँ भी होने का पता देते हैं

बाक़ी सिद्दीक़ी

यूँ भी होने का पता देते हैं

बाक़ी सिद्दीक़ी

उन का या अपना तमाशा देखो

बाक़ी सिद्दीक़ी

समुंदर का तमाशा कर रहा हूँ

बख़्श लाइलपूरी

रुत न बदले तो भी अफ़्सुर्दा शजर लगता है

बख़्श लाइलपूरी

टुकड़े नहीं हैं आँसुओं में दिल के चार पाँच

ज़फ़र

जो झुक के मिलते थे जलसों में मेहरबाँ की तरह

बदनाम नज़र

फ़ज़ा का रंग निखरता दिखाई देता है

अज़रा वहीद

आसमाँ साहिल समुंदर और मैं

अज़रा परवीन

अजीब कैफ़ियत आख़िर तलक रही दिल की

अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी

जहाँ में हम जिसे भी प्यार के क़ाबिल समझते हैं

अज़ीज़ वारसी

ये किस वहशत-ज़दा लम्हे में दाख़िल हो गए हैं

अज़ीज़ नबील

परिंदे झील पर इक रब्त-ए-रूहानी में आए हैं

अज़ीज़ नबील

तिरी कोशिश हम ऐ दिल सई-ए-ला-हासिल समझते हैं

अज़ीज़ लखनवी

इंतिहा-ए-इश्क़ हो यूँ इश्क़ में कामिल बनो

अज़ीज़ लखनवी

मैं भी साहिल की तरह टूट के बह जाती हूँ

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

हम हैं एहसास के सैलाब-ज़दा साहिल पर

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

पड़ा है ज़िंदगी के इस सफ़र से साबिक़ा अपना

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

कोई ऐसी बात है जिस के डर से बाहर रहते हैं

अज़हर नक़वी

जब से है वो रौनक़-ए-महफ़िल आँखों में

अज़ीम मुर्तज़ा

घर दरवाज़े से दूरी पर सात समुंदर बीच

अय्यूब ख़ावर

अश्क को दरिया बनाया आँख को साहिल किया

औरंगज़ेब

तीरगी शम्अ बनी राहगुज़र में आई

अता आबिदी

तिफ़्ली के ख़्वाब

असरार-उल-हक़ मजाज़

एक जिला-वतन की वापसी

असरार-उल-हक़ मजाज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.