रात Poetry (page 38)

तुझे तलाश है जिस की गुज़र गया कब का

साबिर अदीब

वो और होंगे नुफ़ूस बे-दिल जो कहकशाएँ शुमारते हैं

साबिर

सैंत कर ईमान कुछ दिन और रखना है अभी

साबिर

अख़ीर-ए-शब सर्द राख चूल्हे की झाड़ लाएँ

साबिर

जो भी होगा वार देखा जाएगा

सबीहा सबा, पाकिस्तान

मैं दरिया हूँ मगर दोनों तरफ़ साहिल है तन्हाई

सबीला इनाम सिद्दीक़ी

और किस तरह उसे कोई क़बा दी जाए

सबा जायसी

ज़िंदगानी हँस के तय अपना सफ़र कर जाएगी

सबा इकराम

आ जा अँधेरी रातें तन्हा बिता चुका हूँ

सबा अख़्तर

अश्क-बारी नहीं फ़ुर्क़त में शरर-बारी है

सबा अकबराबादी

वो भी बिगड़ा, हुई रुस्वाई भी

सादुल्लाह शाह

मुस्तक़िल अब बुझा बुझा सा है

एस ए मेहदी

मुंसिफ़-वक़्त से बेगाना गुज़रना होगा

रूही कंजाही

ये एहतियात इश्क़ पे लाज़िम सदा रहे

रोहित सोनी ‘ताबिश’

था निगाहों में बसाया जाने किस तस्वीर को

रिज़वानूरर्ज़ा रिज़वान

लुट गई शब को दो शय जिस को छुपाते थे बहुत

रियाज़ ख़ैराबादी

कहना किसी का सुब्ह-ए-शब-ए-वस्ल नाज़ से

रियाज़ ख़ैराबादी

ज़रूर पाँव में अपने हिना वो मल के चले

रियाज़ ख़ैराबादी

ये सीधे जो अब ज़ुल्फ़ों वाले हुए हैं

रियाज़ ख़ैराबादी

ये कोई बात है सुनता न बाग़बाँ मेरी

रियाज़ ख़ैराबादी

ये कहाँ से हम गए हैं कहाँ कहें क्या तिरी तग-ओ-ताज़ में

रियाज़ ख़ैराबादी

ये काफ़िर बुत जिन्हें दावा है दुनिया में ख़ुदाई का

रियाज़ ख़ैराबादी

उतरी है आसमाँ से जो कल उठा तो ला

रियाज़ ख़ैराबादी

उस हुस्न का शैदा हूँ उस हुस्न का दीवाना

रियाज़ ख़ैराबादी

सुब्ह है रात कहाँ अब वो कहाँ रात की बात

रियाज़ ख़ैराबादी

'रियाज़' इक चुलबुला सा दिल हो हम हों

रियाज़ ख़ैराबादी

पी ली हम ने शराब पी ली

रियाज़ ख़ैराबादी

परा बाँधे सफ़-ए-मिज़्गाँ खड़ी है

रियाज़ ख़ैराबादी

पैमाने में वो ज़हर नहीं घोल रहे थे

रियाज़ ख़ैराबादी

मेरे पहलू में हमेशा रही सूरत अच्छी

रियाज़ ख़ैराबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.