व्यक्ति Poetry (page 25)

हर शख़्स में कुछ लोग कमी ढूँड रहे हैं

डॉक्टर आज़म

मौसीक़ी से इलाज

दिलावर फ़िगार

लंदन में जश्न-ए-ग़ालिब

दिलावर फ़िगार

लग गए हैं फ़ोन लगने में जो पच्चीस साल

दिलावर फ़िगार

'ग़ालिब' को बुरा क्यूँ कहो

दिलावर फ़िगार

इलिएट्स-गर्ल्स-कॉलेज और कुल पाक ओ हिन्द मुशाएरा

दिलावर फ़िगार

क्रिकेट और मुशाइरा

दिलावर फ़िगार

वो शख़्स कभी जिस ने मिरा घर नहीं देखा

दिलावर फ़िगार

अमरीका शेर पढ़ने गए थे हमारे दोस्त

दिलावर फ़िगार

फिर वही शख़्स मिरे ख़्वाब में आया होगा

धीरेंद्र सिंह फ़य्याज़

आसमाँ खोल दिया पैरों में राहें रख दीं

धीरेंद्र सिंह फ़य्याज़

अपनों के सितम याद न ग़ैरों की जफ़ा याद

द्वारका दास शोला

जब मोहब्बत का किसी शय पे असर हो जाए

दरवेश भारती

एक और शराबी शाम

दर्शिका वसानी

मिलाऊँ किस की आँखों से मैं अपनी चश्म-ए-हैराँ को

ख़्वाजा मीर 'दर्द'

लोग जिन को आज तक बार-ए-गराँ समझा किए

डी. राज कँवल

हम को छेड़ा तो मचल जाएँगे अरमाँ की तरह

डी. राज कँवल

दोनों की आरज़ू में चमक बरक़रार है

चित्रांश खरे

गुम-शुदा आदमी का इंतिज़ार

चन्द्रभान ख़याल

हिजाब बन के वो मेरी नज़र में रहता है

चंद्र प्रकाश जौहर बिजनौरी

ज़माना-साज़ियों से मैं हमेशा दूर रहता हैं

बिस्मिल सईदी

वो अक्स बन के मिरी चश्म-ए-तर में रहता है

बिस्मिल साबरी

वो अक्स बन के मिरी चश्म-ए-तर में रहता है

बिस्मिल साबरी

जब चौदहवीं का चाँद निकलता दिखाई दे

बिमल कृष्ण अश्क

इतना अच्छा न अगर होता तो हम सा होता

बिमल कृष्ण अश्क

हम तो बेगाने से ख़ुद को भी मिले हैं 'बिल्क़ीस'

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

ज़ख़्म को फूल कहें नौहे को नग़्मा समझें

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

मिरी हथेली में लिक्खा हुआ दिखाई दे

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

अपनी तो कोई बात बनाए नहीं बनी

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है

भारतेंदु हरिश्चंद्र

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.