व्यक्ति Poetry (page 26)

इश्क़ का रोग तो विर्से में मिला था मुझ को

भारत भूषण पन्त

आब की तासीर में हूँ प्यास की शिद्दत में हूँ

भारत भूषण पन्त

आज खेलेंगे मिरे ख़ून से होली सब लोग

बेताब सूरी

आज मक़्तल में ख़बर है कि चराग़ाँ होगा

बेताब सूरी

दिल चुरा कर ले गया था कोई शख़्स

बेख़ुद देहलवी

हिजाब दूर तुम्हारा शबाब कर देगा

बेख़ुद देहलवी

यूँ तो कहने को तिरी राह का पत्थर निकला

बेकल उत्साही

यूँ तो जो चाहे यहाँ साहब-ए-महफ़िल हो जाए

बहज़ाद लखनवी

क़रार पाते हैं आख़िर हम अपनी अपनी जगह

बासिर सुल्तान काज़मी

ज़ाहिर मिरी शिकस्त के आसार भी नहीं

बशीर सैफ़ी

सब की मौजूदगी समझता है

बशीर महताब

वो शख़्स जिस को दिल ओ जाँ से बढ़ के चाहा था

बशीर बद्र

ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने

बशीर बद्र

अजीब शख़्स है नाराज़ हो के हँसता है

बशीर बद्र

ये ज़र्द पत्तों की बारिश मिरा ज़वाल नहीं

बशीर बद्र

ये चराग़ बे-नज़र है ये सितारा बे-ज़बाँ है

बशीर बद्र

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला

बशीर बद्र

दुआ करो कि ये पौदा सदा हरा ही लगे

बशीर बद्र

मिस्ल-ए-नमरूद हर इक शख़्स ख़ुदाई माँगे

बशीर मुंज़िर

तो ऐसा क्यूँ नहीं करते

बशर नवाज़

तुम कब थे क़रीब इतने मैं कब दूर रहा हूँ

बाक़ी सिद्दीक़ी

तिरी निगाह का अंदाज़ क्या नज़र आया

बाक़ी सिद्दीक़ी

मरहले ज़ीस्त के आसान हुए

बाक़ी सिद्दीक़ी

अलविदा'अ

बाक़र मेहदी

ख़बर सुनेगा मिरी मौत की तो ख़ुश होगा

बाक़र मेहदी

चाहा बहुत कि इश्क़ की फिर इब्तिदा न हो

बाक़र मेहदी

अब नहीं दर्द छुपाने का क़रीना मुझ में

बक़ा बलूच

एक पुर-असरार सदा

बलराज कोमल

खोया खोया उदास सा होगा

बलराज कोमल

उसी के ज़ुल्म से मैं हालत-ए-पनाह में था

बख़्श लाइलपूरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.