व्यक्ति Poetry (page 27)

जो पी रहा है सदा ख़ून बे-गुनाहों का

बख़्श लाइलपूरी

वाक़िफ़ हैं हम कि हज़रत-ए-ग़म ऐसे शख़्स हैं

ज़फ़र

हर शख़्स को गुमान कि मंज़िल नहीं है दूर

बद्र वास्ती

जो झुक के मिलते थे जलसों में मेहरबाँ की तरह

बदनाम नज़र

गुम-शुदा मौसम का आँखों में कोई सपना सा था

बदनाम नज़र

मुझ को नहीं मालूम कि वो कौन है क्या है

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

महसूस हो रहा है जो ग़म मेरी ज़ात का

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

खड़ा था कौन कहाँ कुछ पता चला ही नहीं

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

फिर किसी शख़्स की याद आई है

बीएस जैन जौहर

रौशनी ढूँड के लाना कोई मुश्किल तो न था

अज़्म बहज़ाद

उस आँख से वहशत की तासीर उठा लाया

अज़्म बहज़ाद

शाम आई तो कोई ख़ुश-बदनी याद आई

अज़्म बहज़ाद

मैं ने कल ख़्वाब में आइंदा को चलते देखा

अज़्म बहज़ाद

खुलता नहीं कि हम में ख़िज़ाँ-दीदा कौन है

अज़्म बहज़ाद

माँगना ख़्वाहिश-ए-दीदार से आगे क्या है

अज़लान शाह

कमाल-ए-हुस्न का जब भी ख़याल आया है

अज़ीज़ साबरी

ग़रीब शहर

अज़ीज़ क़ैसी

आख़िरी दिन से पहले

अज़ीज़ क़ैसी

उलझाओ का मज़ा भी तिरी बात ही में था

अज़ीज़ क़ैसी

'नबील' ऐसा करो तुम भी भूल जाओ उसे

अज़ीज़ नबील

कुछ देर तो दुनिया मिरे पहलू में खड़ी थी

अज़ीज़ नबील

ख़याल-ओ-ख़्वाब का सारा धुआँ उतर चुका है

अज़ीज़ नबील

आएँगे नज़र सुब्ह के आसार में हम लोग

अज़ीज़ नबील

ये दिया मैसेज ट्वीटर पर फ़सादी शख़्स ने

अज़ीज़ फ़ैसल

वरक़ उलट दिया करता है बे-ख़याली में

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

उम्र भर रास्ते घेरे रहे उस शख़्स का घर

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

एक मुद्दत से ख़यालों में बसा है जो शख़्स

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

ज़रा सी देर में वो जाने क्या से क्या कर दे

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

अपनी बीती हुई रंगीन जवानी देगा

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

आप भी रेत का मल्बूस पहन कर देखें

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.