तबीयत Poetry (page 2)

जो तुझ से शोर-ए-तबस्सुम ज़रा कमी होगी

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

जान उस की अदाओं पर निकलती ही रहेगी

वहशत रज़ा अली कलकत्वी

आइए जल्वा-ए-दीदार के दिखलाने को

वहीद इलाहाबादी

लाख नादाँ हैं मगर इतनी सज़ा भी न मिले

वारिस किरमानी

ऐ सबा निकहत-ए-गेसू-ए-मुअंबर लाना

वारिस किरमानी

हो के उस कूचे से आई तो सितम ढा गई क्या

उमर अंसारी

बसंत और होली की बहार

उफ़ुक़ लखनवी

ज़ुल्म को तेरे ये ताक़त नहीं मिलने वाली

तुफ़ैल चतुर्वेदी

जौन-एलिया से आख़री मुलाक़ात

तारिक़ क़मर

दर्द ख़ामोश रहा टूटती आवाज़ रही

ताहिर फ़राज़

हम अगर दश्त-ए-जुनूँ में न ग़ज़ल-ख़्वाँ होते

सय्यद ज़मीर जाफ़री

ग़रीब-ख़ाना हमेशा से जेल-ख़ाना है

सय्यद ज़मीर जाफ़री

अगर हम दश्त-ए-जुनूँ में न ग़ज़ल-ख़्वाँ होते

सय्यद ज़मीर जाफ़री

अब्र का माहताब का भी था

सय्यद मुनीर

ब-फ़ैज़-ए-आगही है मुद्दआ संजीदा संजीदा

सय्यद जमील मदनी

क्यूँ सादगी से उस की तकरार हो गई है

सय्यद हामिद

आई नहीं क्या क़ैद है गुलशन में सबा भी

सय्यद हामिद

छुट्टी का दिन है चाहिए जैसे गुज़ारिए

सय्यद फ़ज़लुल मतीन

तुझ को ही सोचता रहूँ फ़ुर्सत नहीं रही

सय्यद अनवार अहमद

सीने में आग आँख सू-ए-दर लगी रहे

सय्यद अाग़ा अली महर

ब-ख़ुदा इश्क़ का आज़ार बुरा होता है

सुरूर जहानाबादी

शनाख़्त मिट गई चेहरे पे गर्द इतनी थी

सुलेमान ख़ुमार

न इब्तिदा-ए-जुनूँ है न इंतिहा-ए-जुनूँ

सुहैल काकोरवी

जन्नत से निकाला न जहन्नुम से निकाला

सुहैल अख़्तर

दो आलम के आफ़ात से दूर कर दे

सुहा मुजद्ददी

दिल को आए कि निगाहों को यक़ीं आ जाए

सूफ़ी तबस्सुम

बुझी बुझी सी सितारों की रौशनी है अभी

सूफ़ी तबस्सुम

मैं यूँ तो ख़्वाब की ताबीर सोचता भी नहीं

सुबहान असद

तुम ने महसूस कहाँ मेरी ज़रूरत की है

सिया सचदेव

सनम ख़ुश तबईयाँ सीखे हो तुम किन किन ज़रीफ़ों सीं

सिराज औरंगाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.