जीवन Poetry (page 19)

कसरत-ए-वहदानियत में हुस्न की तनवीर देख

शेर सिंह नाज़ देहलवी

नीमचा यार ने जिस वक़्त बग़ल में मारा

ज़ौक़

ये काएनात तिरा मोजज़ा लगे है मुझे

शहज़ाद रज़ा लम्स

हम ज़िंदगी-शनास थे सब से जुदा रहे

शहपर रसूल

अधूरे ख़्वाब

शीरीं अहमद

वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा

शीन काफ़ निज़ाम

ज़मीं का क़र्ज़

शाज़ तमकनत

तिरी नज़र सबब-ए-तिश्नगी न बन जाए

शाज़ तमकनत

शिकन शिकन तिरी यादें हैं मेरे बिस्तर की

शाज़ तमकनत

शब ओ रोज़ जैसे ठहर गए कोई नाज़ है न नियाज़ है

शाज़ तमकनत

न महफ़िल ऐसी होती है न ख़ल्वत ऐसी होती है

शाज़ तमकनत

हयात रास न आए अजल बहाना करे

शाज़ तमकनत

बड़े ख़ुलूस से दामन पसारता है कोई

शाज़ तमकनत

राह-ए-वफ़ा में साया-ए-दीवार-ओ-दर भी है

शायान क़ुरैशी

बात हो दैर-ओ-हरम की या वतन की बात हो

शायान क़ुरैशी

हाथ उठाता हूँ मैं अब दुआ के लिए

शौक़ सालकी

रूह को आज नाज़ है अपना वक़ार देख कर

शौक़ क़िदवाई

रूह को आज नाज़ है अपना वक़ार देख कर

शौक़ क़िदवाई

अक़्ल की कुछ कम नहीं है रहबरी मेरे लिए

शौक़ बहराइची

बिखरे तो फिर बहम मिरे अज्ज़ा नहीं हुए

शाैकत वास्ती

बिखरे तो फिर बहम मिरे अज्ज़ा नहीं हुए

शाैकत वास्ती

हाए उस मिन्नत-कश-ए-वहम-ओ-गुमाँ की जुस्तुजू

शौकत परदेसी

अधूरा हो के हूँ कितना मुकम्मल

शौकत परदेसी

ज़िंदगी का सफ़र ख़त्म होता रहा तुम मुझे दम-ब-दम याद आते रहे

शौकत परदेसी

रात तारों से जब सँवरती है

शौकत परदेसी

नज़र-नवाज़ नज़ारों की याद आती है

शौकत परदेसी

एक वहशत है रहगुज़ारों में

शौकत परदेसी

तिरी साज़िशों से ही जुगनू मरे

शाैकत हाशमी

दस्त-ए-ज़रूरियात में बटता चला गया

शौकत फ़हमी

मौत का फ़रिश्ता

शौकत आबिदी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.