आवाज Poetry (page 10)

सोचिए गर उसे हर नफ़स मौत है कुछ मुदावा भी हो बे-हिसी के लिए

शहज़ाद अंजुम बुरहानी

उम्र भर सुनता रहूँ अपनी सदा की बाज़गश्त

शहज़ाद अहमद

शहर को छोड़ के वीरानों में आबाद तो हो

शहज़ाद अहमद

यूँ ख़ाक की मानिंद न राहों पे बिखर जा

शहज़ाद अहमद

इश्क़ वहशी है जहाँ देखेगा

शहज़ाद अहमद

हिज्र की रात मिरी जाँ पे बनी हो जैसे

शहज़ाद अहमद

चुप के आलम में वो तस्वीर सी सूरत उस की

शहज़ाद अहमद

भटकती हैं ज़माने में हवाएँ

शहज़ाद अहमद

अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है

शहज़ाद अहमद

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

शहरयार

ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता

शहरयार

मुनकिर-ए-हक़

शहराम सर्मदी

फ़ज़ा होती ग़ुबार-आलूदा सूरज डूबता होता

शहराम सर्मदी

मैं अपने हिस्से की तन्हाई महफ़िल से निकालूँगा

शाहिद ज़की

हर दर-ओ-दीवार पे लर्ज़ां कोई पैकर लगे

शाहिद माहुली

मैं कहाँ तक तुझे सफ़ाई दूँ

शाहिद कमाल

अपनी तन्हाई का सामान उठा लाए हैं

शाहिद कमाल

मोहब्बत मुझ से कहती थी ज़रा होश्यार दामन से

शाहिद भोपाली

वो बे-नियाज़ शब-ओ-रोज़-ओ-माह-ओ-साल गया

शाहिद अहमद शोएब

सिक्का पानी और सितारा

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

ये भी शायद तिरा ए'जाज़-ए-नज़र है ऐ दोस्त

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

चेहरों में नज़र आएँ आँखों में उतर जाएँ

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

ख़्वाब खुलना है जो आँखों पे वो कब खुलता है

शाहीन अब्बास

दिए का काम अब आँखें दिखाना रह गया है

शाहीन अब्बास

बोलते बोलते जब सिर्फ़ ज़बाँ रह गए हम

शाहीन अब्बास

उदासी ने समाँ बाँधा हुआ है

शाहबाज़ रिज़्वी

ऐसे रखती है हमें तेरी मोहब्बत ज़िंदा

शहबाज़ ख़्वाजा

याद उस की है कुछ ऐसी कि बिसरती भी नहीं

शहाब जाफ़री

शाम रखती है बहुत दर्द से बेताब मुझे

शहाब जाफ़री

वो बदन फूल की बाहोँ में पला हो जैसे

शहाब अशरफ़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.