दीपक Poetry (page 30)

अजीब हालत है जिस्म-ओ-जाँ की हज़ार पहलू बदल रहा हूँ

अज़्म शाकरी

तवील उम्र की ढेरों दुआएँ भेजी हैं

अज़लान शाह

समझ के रस्ता इधर से गुज़रने वालों ने

अज़लान शाह

तसमा-ए-पा

अज़ीज़ तमन्नाई

उसी ने साथ दिया ज़िंदगी की राहों में

अज़ीज़ तमन्नाई

तमीज़ अपने में ग़ैर में क्या तुम्हें जो अपना न कर सके हम

अज़ीज़ क़ैसी

जितने थे रंग हुस्न-ए-बयाँ के बिगड़ गए

अज़ीज़ क़ैसी

तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है

अज़ीज़ नबील

हयात-ओ-काएनात पर किताब लिख रहे थे हम

अज़ीज़ नबील

लज़्ज़त-ए-ग़म

अज़ीज़ लखनवी

ये ग़लत है ऐ दिल-ए-बद-गुमाँ कि वहाँ किसी का गुज़र नहीं

अज़ीज़ लखनवी

वो निगाहें क्या कहूँ क्यूँ कर रग-ए-जाँ हो गईं

अज़ीज़ लखनवी

तिरी कोशिश हम ऐ दिल सई-ए-ला-हासिल समझते हैं

अज़ीज़ लखनवी

कर चुके बर्बाद दिल को फ़िक्र क्या अंजाम की

अज़ीज़ लखनवी

इंतिहा-ए-इश्क़ हो यूँ इश्क़ में कामिल बनो

अज़ीज़ लखनवी

देख कर हर दर-ओ-दीवार को हैराँ होना

अज़ीज़ लखनवी

वही दाग़-ए-लाला की बात है कि ब-नाम-ए-हुस्न उधर गई

अज़ीज़ हामिद मदनी

नक़्शे उसी के दिल में हैं अब तक खिंचे हुए

अज़ीज़ हामिद मदनी

हवा आशुफ़्ता-तर रखती है हम आशुफ़्ता-हालों को

अज़ीज़ हामिद मदनी

ऐ शहर-ए-ख़िरद की ताज़ा हवा वहशत का कोई इनआम चले

अज़ीज़ हामिद मदनी

मैं रौशनी हूँ तो मेरी पहुँच कहाँ तक है

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

ज़रा सी देर में वो जाने क्या से क्या कर दे

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

ये हौसला भी किसी रोज़ कर के देखूँगी

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

टटोलता हुआ कुछ जिस्म ओ जान तक पहुँचा

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

न याद आया न भूला न सानेहा मुझ को

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

मुझे कहाँ मिरे अंदर से वो निकालेगा

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

ये और बात कि आँधी हमारे बस में नहीं

अज़हर इनायती

घर से किस तरह मैं निकलूँ कि ये मद्धम सा चराग़

अज़हर इनायती

आज भी शाम-ए-ग़म! उदास न हो

अज़हर इनायती

क्या क्या नवाह-ए-चश्म की रानाइयाँ गईं

अज़हर इनायती

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.