देख Poetry (page 19)

ज़रा चश्म-ए-करम से देख लो तुम

शाकिर कलकत्तवी

वो जो हर दम मिरे ख़याल में है

शकीला बानो

लदी है फूलों से फिर भी उदास लगती है

शकील शम्सी

जुज़-निहालआरज़ू सीने में क्या रखता हूँ मैं

शकील जाज़िब

मौत को हम ने कभी कुछ नहीं समझा मगर आज

शकील जमाली

मौत को हम ने कभी कुछ नहीं समझा मगर आज

शकील जमाली

लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं

शकील जमाली

ये तमाम ग़ुंचा-ओ-गुल मैं हँसूँ तो मुस्कुराएँ

शकील बदायुनी

तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है

शकील बदायुनी

तौफ़-ए-हरम न देर की गहराइयों में है

शकील बदायुनी

रंग-ए-सनम-कदा जो ज़रा याद आ गया

शकील बदायुनी

किसी को जब निगाहों के मुक़ाबिल देख लेता हूँ

शकील बदायुनी

जल्वा-ए-हुस्न-ए-करम का आसरा करता हूँ मैं

शकील बदायुनी

हुई हम से ये नादानी तिरी महफ़िल में आ बैठे

शकील बदायुनी

ग़म से कहाँ ऐ इश्क़ मफ़र है

शकील बदायुनी

अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे

शकील बदायुनी

अब तक शिकायतें हैं दिल-ए-बद-नसीब से

शकील बदायुनी

आज फिर गर्दिश-ए-तक़दीर पे रोना आया

शकील बदायुनी

तवील हिज्र है इक मुख़्तसर विसाल के बा'द

शकील आज़मी

अपनी हस्ती को मिटा दूँ तिरे जैसा हो जाऊँ

शकील आज़मी

तू ने कहा न था कि मैं कश्ती पे बोझ हूँ

शकेब जलाली

आलम में जिस की धूम थी उस शाहकार पर

शकेब जलाली

मुजरिम

शकेब जलाली

शफ़क़ जो रू-ए-सहर पर गुलाल मलने लगी

शकेब जलाली

मुरझा के काली झील में गिरते हुए भी देख

शकेब जलाली

बस इक शुआ-ए-नूर से साया सिमट गया

शकेब जलाली

आया है हर चढ़ाई के बा'द इक उतार भी

शकेब जलाली

ख़ूनीं गुलाब सब्ज़ सनोबर है सामने

शकेब अयाज़

ज़ाहिद को हम ने देख ख़राबात में कहा

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

वो वहशी इस क़दर भड़का है सूरत से मिरे यारो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.